
नई दिल्ली/बहादुरगढ़/उमा सक्सेना/- सेवा, समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ स्थापित कामता सेवा संस्थान ने आज अपने 18 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूरी कर ली है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह संगठन आज सामाजिक सेवा के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान बन चुका है। संस्थान का 18वां वार्षिक आयोजन केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि जनकल्याण, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा की निरंतर चलती आ रही यात्रा का उत्सव है।
स्थापना से अब तक: निःस्वार्थ सेवा की मजबूत नींव
कामता सेवा संस्थान ने अपने स्थापना काल से ही यह सिद्ध किया है कि सच्ची सेवा वही होती है, जिसमें किसी प्रकार का स्वार्थ न हो। बीते 18 वर्षों में संस्था ने समय और परिस्थितियों के अनुरूप अपने सेवा कार्यों का लगातार विस्तार किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा उत्थान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता जैसे क्षेत्रों में संस्था ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान
संस्थान द्वारा समय-समय पर आयोजित निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से हजारों जरूरतमंद लोगों को उपचार, परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया गया, ताकि वे एक बेहतर और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकें।
नारी सशक्तिकरण को बनाया मिशन
कामता सेवा संस्थान ने नारी सशक्तिकरण को केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक ठोस मिशन के रूप में अपनाया। प्रशिक्षण, स्वावलंबन और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की गई। संस्था का मानना है कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त बनेगा।
युवाओं को सकारात्मक दिशा देने पर विशेष फोकस
संस्थान की प्रमुख प्राथमिकताओं में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना शामिल रहा है। युवा नेतृत्व विकास, रोजगारपरक मार्गदर्शन, सामाजिक सेवा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा देने का कार्य लगातार किया गया। इसके साथ ही नशामुक्ति अभियानों के जरिए समाज को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से मुक्त करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए।
आगे भी जारी रहेगा सेवा का यह कारवां
कुल मिलाकर, कामता सेवा संस्थान की 18 वर्षों की यह यात्रा सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक सशक्त मिसाल है। संस्था ने संकल्प लिया है कि आने वाले वर्षों में भी वह इसी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ समाज और राष्ट्र सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ती रहेगी।





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