
मानसी शर्मा /- सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या मामले में कई निर्देश दिए थे। जिसमें CJI ने धरना पर बैठे डॉक्टरों को मंगलवार शाम 5 बजे से पहले काम पर लौटने का आदेश दिया था। कोर्ट ने आदेश नहीं मानने पर डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, मंगलवार को डॉक्टरों ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है कि वो धरना तोड़ कर वापस काम पर नहीं लौटेंगी। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने पांच मांगे रखी, उन मांगों को पूरा करने के बाद ही वो वापस काम पर लौटेगें। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सैंकड़ों डॉक्टर अपनी मांग को लेकर धरना पर बैठे हैं। साथ ही पीड़ित महिला ट्रेनी डॉक्टर को भी जल्द न्याय देने की मांग की जा रही है।
डॉक्टरों ने क्या रखी मांग?
पिछले कई हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कुल पांच मांगों को सरकार के सामने रखा है। उन्होंने अपनी मांगो में स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक, कोलकाता पुलिस चीफ का इस्तीफा, राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में पेशेंट सर्विस शुरू करना और अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरा लगवाना और मरीजों की सेवाओं में सुधार करने को कहा है। इसके साथ ही पीड़ित डॉक्टर को भी जल्द से जल्द न्याय देने की मांग की गई।
कोर्ट के फैसले के बाद डॉक्टरों ने आपस में कई दौर की बैठकें की। अंत में इन बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया कि प्रदर्शन खत्म नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन जारी रखने के पक्ष में करीब 3900 डॉक्टरों ने सहमती जताई। प्रदर्शन जारी रखा जाए या नहीं, इसका फैसला करीब 4000 डॉक्टरों के बीच ऑनलाइन पोलिंग करके लिया गया।





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