सीबीआई का 60 साल का सफर सराहनीय, पीएम मोदी ने सीबीआई का बढ़ाया मनोबल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

सीबीआई का 60 साल का सफर सराहनीय, पीएम मोदी ने सीबीआई का बढ़ाया मनोबल

-डायमंड जुबली पर कहा- दीमक की तरह देश को खोखला करते हैं भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस रही सीबीआई, विपक्ष पर बोला हमला

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- सीबीआई के 60 साल पूरे होने पर आयोजित डायमंड जुबली कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 6 दशक के सफर में एजेंसी ने जिस तरह से भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का काम किया है, वह बेहद ही सरायनीय हैं। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम ने पूर्व की सरकारों पर निशाना भी साधा और कहा कि पहले जहां घोटाले और भ्रष्टाचार का बोलबाला था वहीं अब शाईनिंग और डिजिटल इंडिया के सहारे देश तरक्की की और अग्रसर है।
                    एजेंसी का मनोबल बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा आपको कहीं पर भी रुकने की ज़रूरत नहीं है। मैं जानता हूं आप जिनके खिलाफ एक्शन ले रहे हैं वे बेहद ताकतवर लोग हैं, बरसों तक वे सरकार और सिस्टम का हिस्सा रहे हैं। आज भी वे कई जगह किसी राज्य में सत्ता का हिस्सा हैं, लेकिन आपको अपने काम पर फोकस रखना है कोई भी भ्रष्टाचारी बचना नहीं चाहिए।
                   कार्यक्रम में अपने भाषण से पहले पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में पोस्टल स्टांप और डायमंड जुबली मार्क वाला सिक्का लॉन्च किया। इसके साथ ही शिलॉन्ग, पुणे और नागपुर में सीबीआई की  ब्रांच ऑफिस की नई बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया। इस मौके पर कई अधिकारियों को उत्कृष्ठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

भ्रष्टाचार से लड़ाई में राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत और आपके साथ
पीएम मोदी ने कहा कि अक्सर निशाने पर एजेंसिया रहती है,लेकिन इस सीबीआई को निशाने से ज्यादा पेशेवर एजेंसी के  रुप में देखा जता है। आज देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लडऩे के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति में कोई कमी नहीं है। सीबीआई को कहीं भी हिचकने, कहीं रुकने की जरूरत नहीं है। इसलिए हमें क्राइम और करप्शन के मल्टी नेचर को समझना होगा और उसकी जड़ तक पहुंचना होगा।

कई आयाम और अनुशानात्मक कार्य किए गए
सीबीआई पर देश के हर गांव पंचायत सहित करोड़ों लोगों का विश्वास तभी जब भी किसी भी जांच की बात आती है तो सबसे पहले सीबीआई का नाम लिया जाता है, एक इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने रूप में सीबीआई ने 60 वर्ष का सफर पूरा किया है। इन 6 दशक में सीबीआई ने कई  बहुआयामी  और बहुअनुशासनात्मक  जांच एजेंसी के तौर पर अपनी पहचान बनाई है जिसके चलते मौजूदा समय में इसका दायरा बहुत बड़ा हो चुका है। महानगर से लेकर जंगल तक अब सीबीआई को दौड़ना पड़ रहा है।

भ्रष्टाचार गंभीर अपराध, हर कीमत पर इस पर नकेल कसना प्राथमिकता
देश में कई सालों से भ्रष्टाचार की जड़े मजबूत थी,लेकिन धीरे धीरे खत्म किया गया है और सीबीआई की मुख्य जिम्मेदारी ही देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार कोई सामान्य अपराध नहीं होता। भ्रष्टाचार, गरीब से उसका हक छीनता है, अनेक अपराधों को जन्म देता है।
                  भ्रष्टाचार, लोकतंत्र और न्याय के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा होता है। जहां भ्रष्टाचार होता है, वहां युवाओं को उचित अवसर नहीं मिलते। वहां सिर्फ एक विशेष ईकोसिस्टम ही फलता-फूलता है। भ्रष्टाचार प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है और यहीं से भाई-भतीजावाद, परिवारवाद को बल मिलता है।

सीबीआई एजेंसी ही नहीं एक विश्वास भी है
6 दशकों में एजेंसी के कार्य इतने सराहनीय है मौजूदा समय में ये एक विश्वास है, लोग इस एजेंसी ने हमेशा न्याय की उम्मीद करते हैं, देश के हर कोने कोने में जब किसी अपराध होन के बाद जांच पर विश्वास नहीं होता है  तो लोग लोग आंदोलन करते हैं कि केस बाकी एजेंसियों से लेकर सीबीआई को दे दो। यहां तक कि पंचायत स्तर पर भी कोई मामला आता है तो लोग कहते हैं कि इसे सीबीआई को देना चाहिए।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लूटते थे भ्रष्टाचारी
पीएम ने कहा कि कई दशकों से भ्रष्टाचारियों ने देश का खजाना लूटने का एक और तरीका बना रखा था। ये लोग सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लूटते थे। आज जनधन, आधार, मोबाइल की ट्रिनिटी से हर लाभार्थी को उसका पूरा हक मिल रहा है।
                 जैसे-जैसे भारत की आर्थिक शक्ति बढ़ रही है, अड़चनें पैदा करने वाले भी बढ़ रहे हैं। भारत के सामाजिक ताने-बाने पर, हमारी एकता और भाई-चारे पर, हमारे आर्थिक हितों पर और हमारे संस्थानों पर भी लगातार हमले बढ़ते चले जा रहे है और इसमें जाहिर तौर पर भ्रष्टाचार का पैसा लगता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox