सीआरपीएफ झाड़ौदा में कृषि विज्ञान केंद्र की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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सीआरपीएफ झाड़ौदा में कृषि विज्ञान केंद्र की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

-कार्यशाला में जवानों ने स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ भोजन के महत्व को जाना, कृषि विशेषज्ञों ने गृह वाटिका एवं फल वृक्षों की विस्तृत जानकारी दी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ/शिव कुमार यादव/- कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा, नई दिल्ली द्वारा केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) सिगनल 1, झड़ौदा कलॉ, नजफगढ़, नई दिल्ली के कैम्पस पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्र्रम का प्रमुख उद्देश्य देश के जवानों को कृषि एवं बागवानी की जानकारी से अवगत करवाना था ताकि वह सेवा में रहते हुए स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ भोजन हेतू गृह वाटिका या फल वृक्षों को बढ़ावा दे सके एवं सेवा निवृती के बाद कृषि व्यवसाय जैसे मशरुम उत्पादन, पशुपालन एवं बागवानी फसलों को अपना सकें।

                कार्यक्रम का उद्घाटन श्री विजय कुमार तिवारी, कमांडेंट सी.आर.पी.एफ. कैंप, झड़ौदा कलॉ, नजफगढ़, नई दिल्ली ने किया एवं अपने उद्बोधन में कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ खाना जरूरी है इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र हमारा मददगार होगा। क्योंकि हमने कैंपस में केन्द्र के सहयोग से मशरुम उत्पादन, गृह वाटिका एवं औषधीय पौधों की की वाटिका स्थापित की है जिससे जवानों को तकनीकी व प्रायोगिक रुप से सीखने में मददगार होगी। अब हमें केन्द्र के सहयोग से जैविक बागवानी फल वृक्ष जैसे पपीता, अमरुद, बेल एवं अनार को बढ़ावा देना ताकि कैम्पस हरा भरा रहे एवं जवानों को जैविक फल भी प्राप्त हो सके। इस कार्यक्रम में केन्द्र के बागवानी विशेषज्ञ श्री राकेश कुमार, डॉ समर पाल सिंह, विशेषज्ञ (शस्य विज्ञान), श्री कैलाश (कृषि प्रसार) एवं डॉ जय प्रकाश (पशुपालन) ने भाग लिया एवं जवानों को कृषि के बारे में अवगत करवाया।

                    कार्यक्रम के शुरुआत में, श्री राजेश कुमार, सहायक कमांडेंट ने विशेषज्ञों एवं जवानों का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से वर्ष 2018 में लैंडस्केपिंग एवं गार्डनिंग व मशरुम उत्पादन का प्रशिक्षण कैम्पस में हो चुका है जिससे कैम्पस में दोनो इकाईयॉ स्थापित हो चुकी है जो जवानों पोषक तत्व एवं जैविक उत्पाद के रुप में काफी मददगार सिद्ध हो रही है। श्री कुमार ने जवानों को पुरे कार्यक्रम की रुपरेखा के बारे में बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र ने विशेषज्ञों की टीम को दो भागों में विभाजित किया जो महीने के प्रथम सप्ताह में कार्यक्रम का आयोजन करके जवानों को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षित करेगें। कार्यक्रम के क्रम में श्री कैलाश, विशेषज्ञ (कृषि प्रसार) ने जवानो को केन्द्र की गतिविधियों एवं केन्द्र के द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न प्रशिक्षण जैसे – खाद्य परिरक्षण एवं प्रसंस्करण, मधुमक्खी पालन, मशरुम उत्पादन, जैविक खेती एवं केन्द्र की किसान कल्याण पहल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह सी.आर.पी.एफ. की एक अच्छी पहल है कि सेवा में रहते जवानों की क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन कर रही हैं। डॉ समर पाल सिंह, विशेषज्ञ (शस्य विज्ञान) ने जैविक खेती के सिद्धात एवं वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तकनीकी के बारे में अवगत करवाया। उन्होनें जवानों को जैविक खेती के अवयव जैसे कम्पोस्ट, पंचगव्य, जीवामृत, नीमास्त्र आदि के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी दी। डॉ जय प्रकाश (पशुपालन) ने आधुनिक डेयरी पालन एवं दुग्ध के उत्पाद के उपभोग के बारे में जानकारी से अवगत करवाया।
                   कार्यक्रम के अन्त में श्री राकेश कुमार ने जवानों को छत पर बागवानी एवं गृह वाटिका एवं फलवृक्षों के लगाने के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी दी। श्री कुमार ने जवानों को कैम्पस में वृक्षों को लगाने की विधि एवं रखरखाव के बारे में जागरुक किया। इस कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के विशेषज्ञों एवं जवानों के बीच खेती बाड़ी से संबन्धित काफी अच्छा संवाद हुआ क्योंक काफी जवान ग्रामीण क्षेत्रों से आते है एवं वे इस जानकारी से काफी उत्साहित थे।
                 कार्यक्रम के अन्त में केन्द्र के विशेषज्ञों ने कैम्पस में स्थापित कृषि आधारित विभिन्न इकाईयों जैसे मशरुम उत्पादन, औषधीय वाटिका, गृह वाटिका एवं मधुमक्खी पालन का भ्रमण करके आवश्यक सुझाव दिये। इस कार्यक्रम में लगभग 100 से ज्यादा जवानों ने भाग लिया।

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