सिख गुरुओं के सम्मान पर सियासी संग्राम, दिल्ली विधानसभा में गरमाया माहौल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान बढ़ा सियासी तनाव -सिख समाज के सम्मान को लेकर प्रदर्शन

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   दिल्ली विधानसभा के चालू सत्र के दौरान मंगलवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब सिख गुरुओं के सम्मान को लेकर विधानसभा परिसर और उसके आसपास जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आम आदमी पार्टी पर सिख धार्मिक परंपराओं के अपमान का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान नारेबाजी के साथ-साथ पार्टी की मंत्री आतिशी से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग भी की गई।

माफी की मांग को लेकर सख्त रुख
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि हालिया बयान से सिख समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि देश की जनता चाहती है कि मंत्री आतिशी अपने शब्दों के लिए खुले मंच से खेद प्रकट करें और सिख समुदाय से तुरंत क्षमा याचना करें। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि धार्मिक आस्थाओं पर की गई टिप्पणी न केवल एक समुदाय, बल्कि पूरे देश की भावनाओं को आहत करती है।

‘गुरु परंपरा राष्ट्र की आत्मा’
धरने के दौरान वक्ताओं ने गुरु परंपरा को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नींव बताते हुए कहा कि गुरुओं का सम्मान ही देश की एकता और अखंडता को मजबूत करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी धार्मिक परंपरा के प्रति असम्मान राष्ट्र की आत्मा पर चोट के समान है और भारत जैसे विविधताओं वाले देश में इसे कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
इस मुद्दे को लेकर विधानसभा सत्र के दौरान भी हलचल देखने को मिली। विपक्षी दलों ने इसे गंभीर विषय बताते हुए सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। वहीं, सत्तापक्ष पर दबाव बढ़ता नजर आया, क्योंकि मामला सीधे धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है।

मामले पर नजर बनाए हुए हैं सभी पक्ष
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी तथा कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे दिल्ली की राजनीति में यह विषय और गर्माने की संभावना है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox