सावन के दूसरा सोमवार का अद्भुत सहयोग जीवन की हर मनोकामनाओं को पूरा कर सकता है

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April 15, 2026

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सावन के दूसरा सोमवार का अद्भुत सहयोग जीवन की हर मनोकामनाओं को पूरा कर सकता है

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/ – सावन महीने का आज दूसर सोमवार है और देशभर के मंदिरों में शिव भक्तों की भारी उमड़ रही है। सावन का दूसरा सोमवार (सावन शुक्ल पक्ष की द्वादशी) हिन्दू कैलेंडर के अनुसार एक महत्वपूर्ण दिन है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस बार सावन का दूसरा सोमवार नवमी साथ लेकर आया है। यह तिथि मां दुर्गा को समर्पित है। हर महीने के दोनों पक्ष की नवमी का महत्व अलग-अलग है। नवमी और सोमवार का अद्भुत संयोग जीवन की हर मनोकामनाओं को पूरा कर सकता है।

शुभ मुहूर्त

सावन के सोमवार का शुभ मुहूर्त स्थानीय समय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर, पूजा का समय सुबह 4:30 बजे से लेकर 8:30 बजे तक होता है, लेकिन यह समय आपके क्षेत्र के आधार पर भिन्न हो सकता है। आप अपने स्थानीय पंचांग या वैदिक कैलेंडर की जांच कर सकते हैं ताकि सही मुहूर्त पता चल सके।

पूजन विधि

स्नान और वस्त्र परिवर्तन: पूजा करने से पहले स्वच्छता का ध्यान रखें। अच्छे व स्वच्छ वस्त्र पहनें और स्नान करें।

शिवलिंग की स्थापना: पूजा स्थल पर एक स्वच्छ स्थान पर शिवलिंग स्थापित करें। यदि शिवलिंग न हो तो एक श्वेत या नीले रंग की चादर पर शिव के प्रतीक के रूप में गणपति या शिव का चित्र भी रख सकते हैं।

अर्पण:शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, शहद, घी, और चंदन अर्पित करें। बेलपत्र, फूल, और भांग भी अर्पित कर सकते हैं।

आशीर्वाद प्राप्ति:शिवलिंग के चारों ओर घी का दीपक जलाएं। धूप और फूल अर्पित करें।

पूजा

गायत्री मंत्र: “ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो शिवः प्रचोदयात्।”

महामृत्युंजय मंत्र: “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।”

शिव पंचाक्षर मंत्र: “ॐ नमः शिवाय।”

आरती:पूजा के बाद भगवान शिव की आरती करें। आरती के लिए “ॐ जय शिव ओंकारा” या अन्य शिव आरती गाएं।

भोग:भगवान शिव को प्रिय पदार्थ जैसे फल, मिठाई, और दूध अर्पित करें।

प्रार्थना: पूजा के अंत में भगवान शिव से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें और अपने पापों की क्षमा मांगें।

दिव्य मंत्र

ॐ नमः शिवाय: यह मंत्र शिव के पांच महत्वपूर्ण नामों से बना है और इसे हर दिन जाप करने से मन की शांति और बुराइयों से छुटकारा मिलता है।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे: यह मंत्र विशेष रूप से मृत्यु से मुक्ति और स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए प्रयोग किया जाता है।

सावन के सोमवार पर भगवान शिव की पूजा करने से मनुष्य को शांति, समृद्धि और सुख प्राप्त होता है। इस दिन विशेष पूजा से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

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