साल में एक बार खुलता है उज्जैन का अनोखा माता मंदिर, प्रसाद भी होता है विशेष   

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साल में एक बार खुलता है उज्जैन का अनोखा माता मंदिर, प्रसाद भी होता है विशेष   

-केवल करवा चौथ पर खुलते हैं कपाट

मध्य प्रदेश/उमा सक्सेना/-       मध्य प्रदेश के उज्जैन ज़िले के जीवनखेड़ी गांव में स्थित चौथ माता मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह मंदिर पूरे 364 दिन बंद रहता है और केवल करवा चौथ के पावन अवसर पर एक दिन के लिए ही आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस दिन दूर-दूर से सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख की कामना के लिए यहां पहुंचती हैं।

सिर्फ सुहागिन महिलाओं को मिलता है प्रवेश
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, करवा चौथ के दिन सिर्फ विवाहित महिलाएं ही माता के दर्शन कर सकती हैं। वे पारंपरिक परिधान में सोलह श्रृंगार कर, हाथ में करवा लेकर माता की पूजा-अर्चना करती हैं। वहीं, बहन-बेटियां अविवाहित जीवन में मंगलकामना और अच्छे वर की प्राप्ति के लिए भी माता के दरबार में हाजिरी लगाती हैं।

माता के होते हैं तीन दिव्य स्वरूपों के दर्शन
चौथ माता मंदिर की सबसे विशेष परंपरा यह है कि करवा चौथ के दिन माता भक्तों को तीन अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देती हैं।

सुबह — बाल रूप में माता के दर्शन

दोपहर — किशोरी रूप में दर्शन

शाम — विशेष श्रृंगारित रूप में दर्शन
इस दिव्य दर्शन की झलक पाने के लिए भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर में देखी जाती हैं।

विशेष प्रसाद: कामाख्या का कुमकुम, नेपाल का रुद्राक्ष और चुनरी
पूजा-अर्चना के बाद भक्तों को कामाख्या देवी का सिंदूर, नेपाल से मंगाया गया रुद्राक्ष, विशेष धार्मिक सिक्के और पवित्र चुनरी प्रसाद स्वरूप दी जाती हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इन वस्तुओं को घर में रखने से धन, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

2000 में हुई थी मंदिर की स्थापना
चौथ माता मंदिर का निर्माण वर्ष 2000 में माता लक्ष्मीदेवी की स्मृति में कराया गया था। मंदिर में देवी पार्वती, ऋद्धि-सिद्धि, लाभ-शुभ, संतोषी माता और अन्य देवी शक्तियों के स्वरूप भी स्थापित हैं। ग्रामीणों की मान्यता है कि माता 364 दिन विश्राम करती हैं, इसलिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं।

20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना
पिछले वर्ष जहां लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी, वहीं इस बार यह संख्या 20 हजार से अधिक होने का अनुमान है। क्षिप्रा नदी किनारे, उन्हेल बायपास के पास स्थित यह मंदिर अब देशभर में पहचान बना रहा है। इस बार चंद्र दर्शन का शुभ समय रात 8:15 से 8:26 बजे तक बताया गया है।    मध्य प्रदेश के उज्जैन ज़िले के जीवनखेड़ी गांव में स्थित चौथ माता मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह मंदिर पूरे 364 दिन बंद रहता है और केवल करवा चौथ के पावन अवसर पर एक दिन के लिए ही आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस दिन दूर-दूर से सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख की कामना के लिए यहां पहुंचती हैं।

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