साइबर जागरूकता संगोष्ठी में डिजिटल सुरक्षा पर जोर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-साइबर सुरक्षा पर छात्रों को मिली महत्वपूर्ण जानकारी

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय में 19 नवंबर 2025 को बजाज फिनसर्व के सहयोग से राष्ट्रीय धोखाधड़ी जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं, कर्मचारियों और शिक्षकों को बढ़ती साइबर ठगी, ऑनलाइन स्कैम और डिजिटल धोखे के आधुनिक तरीकों से सावधान करना था।

मुख्य अतिथि ने बताए डिजिटल ठगी के नए तरीके
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सीओ साइबर सेल वाराणसी विदुष सक्सेना ने छात्रों को साइबर अपराध के बढ़ते रूपों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने ATM फ्रॉड, फिशिंग लिंक, लॉटरी स्कैम, OTP शेयरिंग, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और ऑनलाइन ठगी के नए पैटर्न समझाते हुए कहा—
“डिजिटल दौर में थोड़ा-सा भी लापरवाही किसी को ठगी का आसान शिकार बना सकती है।”

उन्होंने सभी को सलाह दी कि कोई भी अनजान लिंक न खोलें, अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें, और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

विशिष्ट अतिथि ने बताया— जागरूकता की कमी ही सबसे बड़ी वजह
साइबर विशेषज्ञ विराट सिंह ने कहा कि आजकल डिजिटल अरेस्ट, डार्क वेब डेटा चोरी, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, सोशल मीडिया पर नौकरी का लालच और UPI स्कैम जैसी नई तकनीकों से धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग सोचते हैं — “मेरे साथ ठगी नहीं हो सकती” — और यही मानसिकता उन्हें ठगों के जाल में फंसा देती है।

महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों को सुरक्षा के लिए जागरूक किया
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक नागेश्वर सिंह ने कहा कि समय-समय पर साइबर सुरक्षा सीखना और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करना ही ठगी रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

प्रशासक संजीव कुमार सिंह और प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि महाविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने का माध्यम भी है। आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे।

कई विशेषज्ञों ने बढ़ाई जागरूकता, छात्रों ने लिया लाभ
कार्यक्रम में सब इंस्पेक्टर आकांक्षा सिंह, निकिता सिंह, जितेंद्र सिंह, बजाज फाइनेंस RC यूनिट से शशिकांत तिवारी, जय वर्मा और महाविद्यालय के कई शिक्षक उपस्थित रहे।
छात्र-छात्राओं ने संगोष्ठी में बताए गए सभी सुरक्षा उपायों को बेहद उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का संचालन अरविंद चौबे ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संदीप राय ने किया।

यह संगोष्ठी छात्रों और कर्मचारियों के लिए डिजिटल धोखाधड़ी से बचने की दिशा में एक प्रभावी और सफल प्रयास साबित हुई। कार्यक्रम ने राष्ट्रीय धोखाधड़ी जागरूकता अभियान को सशक्त आधार देते हुए साइबर सुरक्षा के महत्व को मजबूत किया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox