शेख हसीना की जीत से क्यों खुश है भारत, क्या है इसके मायने ? 

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October 18, 2026

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शेख हसीना की जीत से क्यों खुश है भारत, क्या है इसके मायने ? 

मानसी शर्मा / – बांग्लादेश में रविवार को आम चुनाव हुए इस चुनाव में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग (एएल) पार्टी की जीत हुई। इस जीत के बाद शेख हसीना ने लगातार चौथी और कुल मिलाकर पांचवीं बार चुनाव जीत लिए हैं। शेख हसीना ने ये जीत प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) एवं उसके सहयोगियों के बहिष्कार के बाद हासिल की है। उनके जीत से भारत काफी खुश है। ऐसे में सवाल उठता है कि शेख हसीना की भारत के लिए क्या अहमियत है?
दरअसल, हसीना भारत के लिए एक विश्वसनीय सहयोगी साबित हुई हैं और उनकी सत्ता में वापसी नई दिल्ली के हित में है। हसीना की धुर विरोधी खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बीएनपी को भारत सरकार शत्रुतापूर्ण मानती है, कुछ लोग तो उन्हें पाकिस्तान का प्रतिनिधि तक करार देते हैं।

भारत विरोधी गतिविधि पर लगाया अंकुश

बांग्लादेश लगभग पूरी तरह से भारत से घिरा हुआ है और मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, असम और पश्चिम बंगाल के साथ सीमा साझा करता है। पहले, विशेष रूप से जब बांग्लादेश में सेना या बीएनपी का शासन रहा है, तो उस दौरान भारत के अलगाववादियों और विद्रोहियों को सुरक्षित आश्रय मिल गया। इसने भारत में संचालन के लिए घरेलू और विदेशी दोनों इस्लामवादियों के लिए एक स्प्रिंगबोर्ड भी प्रदान किया। भारत में कोई भी सरकार इस वास्तविकता को नजर अंदाज नहीं कर सकती है कि 1996- 2001 के बीच और फिर 2009 के बाद से शेख हसीना के शासन के दौरान, नई दिल्ली के सुरक्षा प्रतिष्ठान को बांग्लादेशी एजेंसियों से सहयोग मिला है, और उस देश में भारत विरोधी गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए वास्तविक प्रयास किए गए हैं।

उत्तर पूर्व में विद्रोहियों से निपटने की निभाई अहम भूमिका

उनकी सरकार ने भारत के उत्तर पूर्व में विद्रोहियों से निपटने में सक्रिय भूमिका निभाई। बांग्लादेश की रणनीतिक स्थिति इसे चीन और पाकिस्तान जैसे तीसरे देशों के लिए असुरक्षित बनाती है, जो भारत के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी हैं, और यहां तक कि अमेरिका के लिए भी, जिसके निहितार्थ हो सकते हैं।

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