विश्व शांति दिवस पर आरजेएस पीबीएच का 263वां कार्यक्रम: तनाव-मुक्त जीवन की आवश्यकता पर जोर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

विश्व शांति दिवस पर आरजेएस पीबीएच का 263वां कार्यक्रम: तनाव-मुक्त जीवन की आवश्यकता पर जोर

नई दिल्ली/उदय कुमार मन्ना/-  राम-जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) द्वारा 22 सितंबर 2024 को अपने 263वें कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के विश्व शांति दिवस (21 सितंबर) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर “शांति के लिये तनाव – चिंता – अवसाद मुक्त जीवन” विषय पर एक परिचर्चा आयोजित की गई।

शांति के लिए तनाव मुक्त जीवन की जरूरत
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और सह-आयोजक सुरजीत सिंह दीदेवार ने इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शांति पाने के लिए तनाव, चिंता और अवसाद मुक्त जीवन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि देवता वह होते हैं जो हमेशा दूसरों को देते हैं। उन्होंने बच्चों में अवसाद का एक प्रमुख कारण माता-पिता की अधूरी इच्छाओं को बच्चों पर थोपना बताया। कई माता-पिता वह बनने की इच्छा बच्चों से पूरी करवाना चाहते हैं जो वे खुद नहीं बन सके।

दीदेवार जी ने कहा कि बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार ही पढ़ाई और कार्य करना चाहिए। जब माता-पिता अपनी इच्छाएं बच्चों पर थोपते हैं, तो बच्चे तनाव और अवसाद में चले जाते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यक्ति को खुद की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सरल शब्दों में कहा, “क्या आप बलशाली हाथी से अपनी तुलना करते हैं?” इसी तरह, हमें दूसरों के साथ सह्दय व्यवहार रखना चाहिए और जो कुछ हमारे पास है, उसमें खुश रहते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।

प्रमुख विचार और सुझाव
कार्यक्रम में एडवोकेट सुदीप साहू, इसहाक खान, दुर्गादास आजाद, सत्येंद्र त्यागी और मुन्नी कुमारी समेत अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों ने ऑनलाइन लॉटरी और इसके प्रभाव पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि लॉटरी खिलाने वाला कभी घाटे में नहीं रहता, जबकि खेलने वाला ही हमेशा घाटे में रहता है। बच्चों में बढ़ते डिप्रेशन के समाधान पर चर्चा हुई, जिसमें दीदेवार जी ने जीवन को सुधारने पर विशेष जोर दिया।

सकारात्मक मैनिफेस्टो और आगामी कार्यक्रम

आरजेएस पीबीएच के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद दिया। उन्होंने 29 सितंबर को दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित संस्कार भारती सभागार में आयोजित होने वाले विश्व हृदय दिवस के कार्यक्रम “सकारात्मक मन की शक्ति: दिल से दिल तक” की घोषणा की। इस कार्यक्रम में आरजेएस पीबीएच न्यूज़ लेटर – सितंबर का लोकार्पण किया जाएगा।

सम्मान और प्रमाणपत्र वितरण
सकारात्मक मैनिफेस्टो वर्ष (2024-25) अवार्ड समिति के प्रफुल्ल डी शेठ ने फोन पर जानकारी दी कि मैनिफेस्टो लागू करने के लिए चार सकारात्मक व्यक्तित्वों को 29 सितंबर को सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन प्रदान किया जाएगा। इन व्यक्तियों में चौधरी इंद्राज सिंह सैनी (वेबसाइट), राजेन्द्र सिंह कुशवाहा (न्यूज़ लेटर), लक्ष्मण प्रसाद (ग्रंथ 04) और सत्येंद्र-सुमन त्यागी (ग्रंथ 04) शामिल हैं।

आगामी कार्यक्रम
मंगलवार, 24 सितंबर को डा. मुन्नी कुमारी बेटी दिवस के अवसर पर और शुक्रवार, 27 सितंबर को राजेन्द्र सिंह कुशवाहा विश्व पर्यटन दिवस पर सायं 5 बजे वेबिनार आयोजित करेंगे।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए टेक्निकल टीम का विशेष धन्यवाद किया गया और पूरे कार्यक्रम को आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox