लेह हिंसा: DGP ने सोनम वांगचुक पर भड़काने का आरोप लगाया, गोलीबारी को बताया आत्मरक्षा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

लेह हिंसा: DGP ने सोनम वांगचुक पर भड़काने का आरोप लगाया, गोलीबारी को बताया आत्मरक्षा

मानसी शर्मा/-  24 सितंबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ आंदोलन अचानक हिंसक हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत और दर्जनों घायल होने की खबर सामने आई। इस घटना के बाद लद्दाख के DGP एसडी सिंह जमवाल ने पहली बार खुलकर बयान दिया।

DGP जमवाल का बयान

DGP ने कहा कि यह हिंसा सुनियोजित लगती है। उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर भीड़ को भड़काने का आरोप लगाया। जमवाल ने बताया कि वांगचुक और उनके समर्थक केंद्र के साथ चल रही वार्ता को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा,
“सोनम वांगचुक ने भड़काऊ भाषण दिए और सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर तनाव बढ़ाया।”
उनका इशारा वांगचुक के 15 दिन के अनशन की ओर था, जो छठी अनुसूची की मांग पर केंद्रित था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी वांगचुक को हिंसा का सूत्रधार बताया। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि उनके उकसावे से 24 सितंबर को भीड़ ने हमला किया, जिसमें 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए। इसके बाद सोनम वांगचुक को NSA के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।

गोलीबारी की वजह

DGP जमवाल ने गोलीबारी को आत्मरक्षा के तहत किया गया बताया। उन्होंने कहा कि भीड़ ने CRPF अधिकारियों पर हमला किया, एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुआ और तीन-चार महिला पुलिसकर्मियों को जलते भवन से बचाना पड़ा। जमवाल ने कहा:
“जब 5,000-6,000 लोगों ने सरकारी इमारतों पर पथराव और हमला किया, तो स्थिति बेकाबू हो गई। सुरक्षाबलों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।”

घटना के पहले दिन 32 नागरिक घायल हुए, जबकि बाद में यह संख्या बढ़कर 70-80 हो गई।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox