नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में महिला उत्पीड़न मामले को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। पिछले महीने हुड़दंगियों द्वारा महिला पर पानी फेंकने और परेशान करने की घटना के बाद यूपी पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में दो गिरफ्तार आरोपियों के नाम का जिक्र किया, जिनमें से एक पवन यादव का नाम भी शामिल था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पवन यादव की गिरफ्तारी को झूठा बताते हुए सरकार पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के नाम क्यों नहीं जारी किए।
पवन यादव का आपराधिक इतिहास: अखिलेश यादव की सरकार में भी जेल गया था
पवन यादव की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने समर्थन जताया, हालांकि पवन यादव का आपराधिक इतिहास काफी खराब रहा है। वह अखिलेश यादव की सरकार में भी जेल जा चुका था। 2016 में अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार होने पर उसके खिलाफ आम्रस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पवन यादव की पहचान एक हिस्ट्रीशीटर के रूप में की जाती है और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट और पथराव शामिल हैं।
पुलिस का बयान: पवन यादव की गिरफ्तारी के सबूत मौजूद
पुलिस उपायुक्त पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि आरोपित पवन यादव घटनास्थल पर मौजूद था और सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की है। एसीपी गोमती नगर विकास जायसवाल ने कहा कि पवन यादव के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है और उसके खिलाफ विशेष न्यायायिक मजिस्ट्रेट ने डी-डब्ल्यू वारंट जारी किया था।


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