राज्यसभा में जयंत के भाषण पर भड़की कांग्रेस,राज्यसभा अध्यक्ष से पूछा सवाल

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राज्यसभा में जयंत के भाषण पर भड़की कांग्रेस,राज्यसभा अध्यक्ष से पूछा सवाल

-सरकार के खेमे में बैठे नजर आए जयंत, पीएम मोदी को जमकर सराहा

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- शनिवार को राज्यसभा में जयंत चौधरी के भाषण को लेकर बड़ा बवाल मच गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर आपत्ति जताते हुए उपसभापति से जानना चाहा कि किस नियम के तहत रालोद नेता को बोलने की अनुमति दी गई हैं। बता दें कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने की अटकलों के बीच राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी के सुर बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। संसद के बजट सत्र के दौरान शनिवार को तो वे सरकार के खेमे में बैठे नजर आए।

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के एलान पर सरकार को धन्यवाद देते हुए उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला बहुत बड़ा फैसला है। कल इस घोषणा के बाद लोगों ने दिवाली मनाई। कल किसानों ने सीपी में मिठाइयां बांटी। इससे यही पता चलता है कि यह फैसला सिर्फ उनके परिवार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि किसानों को मजबूत करने वाला फैसला है।

’आज यहां मेरा अपमान किया गया’
जयंत सिंह ने कहा कि वह कांग्रेस द्वारा सदन में चरण सिंह के प्रति किए गए ’अपमान’ से स्तब्ध हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि चरण सिंह जैसी शख्सियत के सम्मान को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है और इसे राजनीतिक गठबंधन बनाने और चुनाव जीतने या हारने से जोड़ा जा रहा है। मैं अचंभित हूं कि कैसे लोग चौधरी चरण सिंह जैसी हस्ती को किसी गठजोड़ के बनने या बिगड़ने और चुनाव लड़ने और जीतने तक सीमित रखना चाहते हैं। लेफ्ट, राइट और सेंटर में ही बंटे रहेंगे तो देश असली धरती पुत्र का सम्मान हम कैसे रख पाएंगे।

’इस सरकार के काम में चौधरी चरण सिंह के विचारों की झलक’
उन्होंने कहा कि 10 साल मैं विपक्ष में रहा हूं। कुछ ही देर के लिए मैं इस तरफ बैठा हूं, लेकिन मैंने देखा है कि 10 साल में जो आज सरकार है इनकी कार्यशैली में भी चौधरी चरण सिंह के विचारों की झलक है। जब प्रधानमंत्री ग्रामीण क्षेत्रों में शौच की व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हैं, जब महिला सशक्तिकरण को सरकार अपना प्लेटफॉर्म बनाती है और गांव में जागृति पैदा करती है तो मुझे उसमें चौधरी चरण सिंह की बोली याद आती है।

’चौधरी चरण सिंह विचारक थे’
जयंत ने कहा, ’राजनीति विशेषज्ञ कहते हैं कि हम लोग नेताओं को समझ नहीं पाएंगे, अगर हम इसी तरह से बंटे रहेंगे। कुछ लोग कहते हैं कि चौधरी चरण सिंह सिर्फ जाटों के नेता थे। सिर्फ किसानों के लिए काम करते थे। ऐसा नहीं है। वह विचारक थे। लोगों अपने सभी भ्रम दूर करने चाहिए।’

’चौधरी चरण सिंह सभी के हैं’
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह सभी के हैं। वे किसी एक पार्टी के नहीं हैं। सभी दल इस पल हिस्सा बनें। मैं ऋणि हूं। मैं कहना चाहता हूं कि जमीन से जुड़ी सरकार, ऐसी सरकार जो जमीन की आवाज को समझती है, उसे बुलंद करना चाहती है ऐसी सरकार ही चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दे सकती है।

जमकर हंगामा भी हुआ
दरअसल, जैसे ही जयंत चौधरी ने राज्यसभा में बोलना शुरू किया। कांग्रेस सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जानना चाहा कि किस नियम के तहत रालोद नेता को बोलने की अनुमति दी गई है? इस पर खरगे ने कहा कि यह गर्व की बात है और वह पूर्व प्रधानमंत्रियों पीवी नरसिम्हा राव, चरण सिंह तथा एमएस स्वामीनाथन को सैल्यूट करते हैं। इन सभी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है।
          इस पर खरगे ने कहा कि नेताओं को भारत रत्न से सम्मानित करने पर कोई बहस नहीं है। मैं सभी को सलाम करता हूं, लेकिन अगर कोई सदस्य कोई मुद्दा उठाना चाहता है, तो आप पूछते हैं कि किस नियम के तहत। मैं जानना चाहता हूं कि उन्हें किस नियम के तहत बोलने की अनुमति दी गई है। हमें भी अनुमति दीजिए। एक तरफ आप नियम की बात करते हैं। आपके पास विवेक है। उस विवेक का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए न कि जब आप चाहें। इसके बाद सदन में जमकर हंगामा होने लगा।

कांग्रेस बेनकाब हो गई हैः रूपाला
हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने आश्चर्य जताया कि कांग्रेस चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का विरोध क्यों कर रही है। रूपाला ने कहा कि विपक्ष के नेता आसन को चुनौती दे रहे हैं और वह भी ऐसे मौके पर। यह कांग्रेस का असली चेहरा है। कांग्रेस बेनकाब हो गई है।

पीयूष गोयल ने की माफी की मांग
सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष के नेता खरगे से अपनी टिप्पणी के लिए सभापति के साथ-साथ देश से माफी मांगने को कहा।

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