नई दिल्ली/- अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की बात मान चुके हैं, लेकिन अब भी राजस्थान को लेकर उनका मोह छूट नहीं रहा है। राहुल गांधी की ओर से ’एक व्यक्ति एक पद’ के फॉर्मूले पर अडिग रहने की बात से अशोक गहलोत बैकफुट पर जरूर आए हैं, लेकिन वह सचिन पायलट को सीएम बनने से रोकने के लिए पूरी फील्डिंग सजा रहे हैं। चर्चाएं हैं कि उन्होंने विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी का नाम अपनी जगह सीएम के तौर पर सोनिया गांधी को सुझाया है। हालांकि इसके अलावा भी उनके पास ऐसे कई नाम हैं, जिन्हें आगे बढ़ाकर वह पायलट की उड़ान रोक सकते हैं। इन नामों में रघु शर्मा और बीडी कल्ला का भी जिक्र हो रहा है। ये दोनों नेता भी सीपी जोशी की तरह ही ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और गहलोत गुट के प्रभावशाली लीडर्स में से हैं।
इन नेताओं के अलावा शांति लाल धारीवाल का नाम भी चर्चा में हैं, जो वैश्य समुदाय से आते हैं। शांति लाल धारीवाल अशोक गहलोत के करीबी हैं और प्रभावशाली नेता हैं। प्रदेश की राजनीति में धारीवाल अच्छी पकड़ रखते हैं और उनके जरिए अशोक गहलोत राजस्थान में अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहेंगे। हालांकि राजस्थान कांग्रेस में अंदरखाने परसादी लाल मीणा के नाम की भी चर्चाएं चल रही हैं। इसकी वजह यह है कि राजस्थान में एसटी समुदाय की 13 फीसदी आबादी है, जो दलितों के बाद दूसरा सबसे बड़ा मतदाता समूह है।
यही नहीं इस एसटी वर्ग में सबसे बड़ी संख्या मीणा बिरादरी की है, जो प्रदेश में 7 फीसदी हैं। ऐसे में इस बार सामाजिक समीकरणों को साधने की बात करते हुए अशोक गहलोत परसादी लाल मीणा के नाम का भी प्रस्ताव रख सकते हैं। इस पर हाईकमान को भी शायद ऐतराज नहीं होगा। इसके अलावा सचिन पायलट ग्रुप भी उनका विरोध नहीं कर पाएगा और ऐसा करने की स्थिति में एसटी समुदाय की नाराजगी का खतरा रहेगा। बता दें कि अशोक गहलोत की सचिन पायलट से प्रतिद्वंद्विता मानी जाती है और अब तक सचिन पायलट के नाम पर कोई भी जवाब देने से अशोक गहलोत बचते आए हैं।
उधर सीएम पद को लेकर राजस्थान में हलचल तेज हो गई है। सचिन पायलट कांग्रेस विधायकों से मिल रहे है। शुक्रवार को पायलट ने पार्टी के विधायकों से विधानसभा में मुलाकात की। बताया जा रहा है कि उन्होंने अशोक गहलोत कैंप के विधायकों को भी फोन किया है। सचिन पायलट 20 सितंबर को कोच्चि गए थे और राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण चर्चाएं भी हुई थीं। पायलट ने सोनिया गांधी से भी मिलने का समय मांगा है।
गहलोत की पसंद पायलट नहीं
हालांकि पायलट के लिए सीएम पद की दौड़ आसान नहीं रहने वाली है। माना जाता है कि गहलोत पायलट को पसंद नहीं करते हैं। गहलोत चाहते हैं कि उनके गुट के सीनियर नेता राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। बताया जा रहा है कि गहलोत डॉ. सीपी जोशी, बीडी कल्ला और गोविन्द सिंह डोटासरा में से किसी को सीएम बनाए जाने के पक्ष में है।
‘सीएम पद पर फैसला सोनिया गांधी और माकन लेंगे’
हालांकि जब राजस्थान में उनके उत्तराधिकारी के बारे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई भी फैसला कांग्रेस की मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी अजय माकन द्वारा लिया जाएगा। बता दें कांग्रेस ने गुरुवार को पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की थी।


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