मोदी कैबिनेट विस्तार में 43 मंत्रियों ने ली शपथ, सबसे ज्यादा यूपी से

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

मोदी कैबिनेट विस्तार में 43 मंत्रियों ने ली शपथ, सबसे ज्यादा यूपी से

-किसे मिला प्रमोशन, किसकी हुई छुट्टी, पड़ें विस्तार से

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पिछले काफी समय से प्रतिक्षित मोदी मंत्री मंडल का आखिर बुधवार को विस्तार हो ही गया।  इस विस्तार में 43 नए मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। इसके बाद मोदी सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 77 हो गई है। मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ बड़े फेरबदल कर किए गए। इसके बाद केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मोदी सरकार के नए कैबिनेट विस्तार में 36 नए चेहरो को जगह दी गई है जबकि 7 मंत्रियों का प्रमोशन कर उन्हें कैबिनेट रैंक दिया गया है। इस विस्तार में 4 पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी शामिल किया गया है।

आइये जानते है ंकिन 7 मंत्रियों को मिला प्रमोशन-?
जिन मंत्रियों को प्रमोशन दिया जाएगा उनमें पुरुषोत्तम रुपाला, अनुराग ठाकुर, मनसुख मंडाविया, आरके सिंह, हरदीप सिंह पुरी, जी किशन रेड्डी और किरेन रिजिजू का नाम शामिल है.

इन 12 मंत्रियों की मोदी कैबिनेट से हुई छुट्टी-
केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा, श्रम मंत्री संतोष गंगवार और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक समेत कई मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, वन और पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, राव साहब दानवे, रतन लाल कटारिया, प्रताप सारंगी और देव श्री बैनर्जी ने भी केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

इन 43 मंत्रियों को दिलाई गई पद एवं गोपनीयता की शपथ-
नारायण राणे (महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद)
सर्बानंद सोनोवाल (असम के पूर्व मुख्यमंत्री)
विरेंद्र कुमार (मध्य प्रदेश की टीकमगढ़ से बीजेपी एमपी)
ज्योतिरादित्य सिंधिया (मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद)
रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) (जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष)
अश्विनी वैश्नव (पूर्व नौकरशाह और ओडिशा से बीजेपी के राज्यसभा एमपी)
पशुपति पारस (एलजेपी), (बिहार के हाजीपुर से एमपी)
किरण रिजीजू (खेल राज्य मंत्री, अब प्रमोशन)
राज कुमार सिंह (ऊर्जा राज्यमंत्री, अब प्रमोशन)
हरदीप पुरी (शहरी विकास राज्य मंत्री, अब प्रमोशन)
मनसुख मंडाविया (रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री, अब प्रमोशन)
भूपेंद्र यादव (राजस्थान से राज्यसभा एमपी)
पुरुषोत्तम रुपाला (कृषि राज्य मंत्री, अब प्रमोशन)
जी किशन रेड्डी, (गृह राज्य मंत्री, अब प्रमोशन)
अनुराग सिंह ठाकुर, (केन्द्रीय राज्य मंत्री)
पंकज चौधरी (यूपी के महाराजगंज से एमपी)
अनुप्रिया पटेल (अपना दल मिर्जापुर से एमपी)
सत्य पाल सिंह बघेल (आगरा से बीजेपी एमपी)
राजीव चंद्रशेखर (कर्नाटक से राज्यसभा बीजेपी सदस्य)
शोभा करणडालजे (कर्नाटक के उडुपी से बीजेपी एमपी)
भानू प्रताप सिंह वर्मा (यूपी के जालौन से भाजपा एमपी)
दर्शन विक्रम (सूरत से भाजपा एमपी)
मीनाक्षी लेखी (नई दिल्ली से भाजपा एमपी)
अनुपपूर्णा देवी (झारखंड के कोडरमा से बीजेपी एमपी)
ए. नारायणसामी (कर्नाटक के चित्रदुर्ग से बीजेपी एमपी)
कौशल किशोर (यूपी के मोहनलालगंज से बीजेपी एमपी)
अजय भट्ट (उत्तराखंड के नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से बीजेपी एमपी)
बीएल वर्मा (यूपी से बीजेपी के राज्यसभा सदस्य)
अजय कुमार (खीरी से बीजेपी सांसद)
देवसिंह चौहान (गुजरात के खेड़ा से एमपी)
भगवंथ खूबा (कर्नाटक के बीदर से एमपी)
कपिल पाटिल (महाराष्ट्र के भिवंडी से एमपी)
प्रतिमा भौमिक (त्रिपुरा वेस्ट से एमपी)
सुभाष सरकार (पश्चिम बंगाल के बांकुरा से एमपी)
भागवत कराद (महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य)
राज कुमार रंजन सिंह (भीतरी मणिपुर से एमपी)
भारती प्रवीण पवार महाराष्ट्र के डिंडौरी से एमपी)
विशेश्वर टूडू (ओडिशा के मयूरभंज से एमपी)
शांतुन ठाकुर (पश्चिम बंगाल के बनगांव से एमपी)
मुंजापारा महेंद्र भाई (गुजरात के सुरेंद्रनगर से एमपी)
जॉन बराला (पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार से एमपी)
एल मुर्गुन (संसद के किसी सदन के सदस्य नहीं)
निशित प्रमाणिक (पश्चिम बंगाल के कूचबिहार से एमपी)
                        गौरतलब है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले करीब दो हफ्ते से कवायद चल रही थी 2024 में अगला लोकसभा चुनाव है। ऐसा माना जा रहा है कि कई मायनों में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए फैसला कर इन नए चेहरों को जगह दी गई है. जबकि, परफॉर्मेंस के आधार पर आकलन करते हुए कई बड़े मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया गया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox