नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली एमसीडी चुनाव में एकबार फिर मेयर पद का चुनाव होने जा रहा है। हालांकि सदन में आप का पलड़ा भारी है हालांकि सदन में अबकी बार नए समीकरण भी बन रहे है जिनके दम पर भाजपा अपनी जीत का दावा कर रही है। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा कुछ ज्यादा मजबूत व आम आदमी पार्टी कुछ कमजोर नजर आएगी। फिलहाल निगम में विपक्ष में बैठी भाजपा ने भले ही चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी की एक और पार्षद को अपने पक्ष में कर लिया है। जिसकारण दिल्ली विधानसभा और निगम में भी सत्ता में रहने के बावजूद इस तरह आप पार्टी के पार्षद का विपक्ष के साथ जाना भाजपा के लिए निःसंदेह मनोवैज्ञानिक बढ़त है। निगम में दल बदल कानून लागू नहीं होने का भाजपा लगातार फायदा उठाती नजर आ रही है।

चार दिसम्बर को हुए एमसीडी के चुनाव में आप पार्टी को 134 सीटें मिली थीं, भाजपा को 104, कांग्रेस को नौ और तीन निर्दलीय पार्षद जीते थे। सात दिसम्बर को चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद ही मुंडका वार्ड से निर्दलिय पार्षद गजेंद्र दराल ने भाजपा का दामन थाम लिया था। वह पहले भी भाजपा के साथ थे, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलिय चुनाव जीता और फिर से पार्टी में लौट आए।

इसके बाद पिछली बार 24 फरवरी को हुए मेयर चुनाव से बस कुछ ही देर पहले बवाना वार्ड से आप के पार्षद पवन सहरावत ने झाड़ू का साथ छोड़कर कमल का दामन थाम लिया था। अब फिर से चुनाव से ठीक दो दिन पहले आम आदमी पार्टी को झटका लगा है। इस बार आम आदमी पार्टी की द्वारका-सी वार्ड से महिला पार्षद सुनीता ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।
इस बार मेयर के चुनाव में वोटों के नए समीकरण
-मेयर चुनाव के लिए कुल वोट – 250 पार्षद – 7 लोकसभा सदस्य – 3 राज्यसभा सांसद – 14 विधायक-(274)
-आप के वोट- 132 पार्षद, 3 राज्यसभा सदस्य, 13 विधायक, कुल-(148)
-भाजपा के वोट- 107 पार्षद, 7 लोकसभा सदस्य, 1 विधायक, कुल-(115)
-2 निर्दलिय पार्षद व 9 कांग्रेस पार्षद (अभी तय नहीं कि किसका समर्थन करेंगे)


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