महर्षि दयानन्द की 200वीं जयंती तक विश्वभर में होंगे कार्यक्रम- अनिल आर्य

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

महर्षि दयानन्द की 200वीं जयंती तक विश्वभर में होंगे कार्यक्रम- अनिल आर्य

-केन्द्रीय आर्य युवक परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया फैसला -नये युवाओ को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा -स्वामी आर्यवेश

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द की 200वीं जयंती पर पूरे विश्व में कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया है।  
          मंगलवार को केन्द्रीय आर्य युवक परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सार्वदेशिक सभा मुख्यालय, महर्षि दयानन्द भवन आसिफ़ अली रोड नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य की अध्यक्षता में सोलास संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न प्रांतों के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए।

          केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने आह्वान किया कि आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 199 वी जयंती आगामी 15 फरवरी 2023 को आ रही है अतः 200वी जयंती 15 फरवरी 2024 तक महर्षि दयानन्द के संदेश को जन जन तक पहुंचाने के लिए विश्व भर में अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए जायेगे। पाखंड अंधविश्वास के विरुद्ध जागृति, युवा संस्कारों के लिए चरित्र निर्माण शिविर, नशे के विरुद्ध जागरूकता, रक्त दान शिविर, विश्व को महर्षि दयानन्द की देन पर चर्चा, स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज का योगदान पर विचार गोष्ठियो का आयोजन आदि अनेकों विषयों पर कार्य करने का निश्चय किया गया है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानन्द नैष्ठिक ब्रह्मचारी थे पूरा जीवन वेद प्रचार के लिए लगाया और पूरे विश्व को एक नई दिशा दिखाई।

            सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्य वेश ने कहा कि नयी युवा पीढ़ी को महर्षि दयानन्द जी की विचारधारा से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा क्योंकि युवाओ के माध्यम से ही सन्देश आम व्यक्ति तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानन्द जी के अमर ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।  स्वामी जी ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में सर्वाधिक योगदान आर्य समाज का रहा लेकिन वह लोग श्रेय ले रहे हैं जो पैदा ही नहीं हुए थे। बैठक का संचालन राष्ट्रीय मंत्री देवेन्द्र भगत ने किया। उन्होंने कहा कि खेल कूद, भाषण, निबंध, संगीत आदि प्रतियोगिता भी रखी जाएगी।
            बैठक में प्रमुख रूप से सुभाष बब्बर (जम्मू), सुरेश आर्य, के के यादव (गाजियाबाद), संजीव ढाका (बागपत), यज्ञवीर चौहान इंदिरा पुरम, कमल आर्य नोएडा, यशोवीर आर्य, रामकुमार आर्य, स्वतन्त्र कुकरेजा (करनाल), योगेन्द्र शास्त्री (जींद),राम कृष्ण शास्त्री (बेहरोड), धर्मपाल आर्य, अशोक जांगिड़ (रोहतक), रामफल खरब, रवि राणा, अमर सिंह सहरावत, ऋषिपाल शास्त्री, गौरव झा आदि ने अपने विचार रखे और अभियान को सफल बनाने का आश्वासन दिया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox