नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- महरौली में आज चौथे दिन भी डीडीए की मकानों को तोड़ने की कार्यवाही जारी रही। इस बीच कई स्थानीय लोगों का तो ये भी आरोप है कि उन्होंने डीडीए की टीम से एक घंटे का वक्त मांगा था लेकिन टीम ने उन्हें समय नहीं दिया। वहीं महिलाओं ने डीडीए व पुलिसकर्मियों पर मिर्ची पाउडर फेंककर उन्हे रोकने की नाकाम कोशिश की। लेकिन फिर भी डीडीए व पुलिस का तोड़फोड़ अभियान जारी रहा।

दिल्ली विकास प्राधिकरण ने रविवार को महरौली में स्थानीय महिलाओं के साथ हुई नोकझोंक के बावजूद सोमवार को भी बुलडोजर की कार्रवाई जारी रखी हुई है। इस दौरान आज भी डीडीए को स्थानीय लोगों का विरोध झेलना पड़ रहा है। कई स्थानीय लोगों का तो ये भी आरोप है कि उन्होंने डीडीए की टीम से एक घंटे का वक्त मांगा था लेकिन टीम ने उन्हें समय नहीं दिया। एक स्थानीय महिला का आरोप है कि उसके परिवार ने कोर्ट में स्टे ऑर्डर के लिए याचिका दाखिल की है जिस पर एक घंटे में फैसला आ जाएगा लेकिन बुलडोजर के साथ आई डीडीए की टीम उनकी एक बात नहीं सुन रही। महिला ने कहा यह सरासर गुंडागर्दी है।

रविवार को महिलाओं पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर फेंका
रविवार को डीडीए व पुलिस को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना भी करना पड़ा। कुछ महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर तक फेंक दिया। इस कारण पुलिस ने कुछ महिलाओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की मदद से डीडीए अब तक करीब 1200 गज भूमि पर तोड़फोड़ कर चुका है।
सुबह पुलिस व डीडीए कर्मचारियों के तोड़फोड़ के लिए आते ही महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने डीडीए व दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, लेकिन उनकी एक नहीं चली। महिलाओं की नोकझोंक भी हुई। इस बीच कुछ महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर फेंक दिया।

पुलिस ने सख्ती बरतते हुए लोगों को खदेड़ दिया। इसके बाद डीडीए ने बुलडोजर चलाना शुरू किया। डीडीए ने करीब दो दर्जन फ्लैटों पर कार्रवाई की। इस दौरान लोगों के समर्थन में किसी भी दल का कोई नेता नहीं पहुंचा, जबकि स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अब उनके मकान नहीं तोड़े जाएंगे। डीडीए का कहना है कि नौ मार्च तक तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
दिसंबर में चिपकाए गए थे नोटिस
आर्कियोलॉजिकल पार्क में जी 20 शिखर सम्मेलन की बैठक होगी। इससे पहले कार्रवाई पूरी की जानी है। डीडीए के अनुसार, दिसंबरमें लोगों को सचेत करने के लिए दीवारों पर नोटिस चिपकाए गए थे। नोटिस के माध्यम से अवगत कराया गया था कि दस दिनों के भीतर इस भूमि से सभी अनधिकृत निर्माण को लोग हटा लें, लेकिन मगर लोगों ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण शुक्रवार से दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई।


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