नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- मनरेगा योजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र की भाजपा सरकार महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और रोजगार आधारित विकास मॉडल को कमजोर करने की मंशा से मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम यात्रा’ का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य आम जनता को योजना के महत्व से अवगत कराना और इसे बचाने का संकल्प लेना था। हालांकि, शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जा रही इस पदयात्रा के दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह यात्रा पूरी तरह अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की जा रही थी, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी का आरोप है कि यह कदम संविधान और लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का आधार है, जिसे कमजोर करना सीधे तौर पर गरीबों के अधिकारों पर चोट करना है।
इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अजय माकन, दिल्ली कांग्रेस प्रभारी काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश, एआईसीसी मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर मनरेगा की रक्षा करने और इसे मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने कहा कि जब तक योजना सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


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