मतभेदों के बीच मिले शी जिनपिंग व किम जोंग, दोस्ती मजबूत करने को अहम ऐलान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

मतभेदों के बीच मिले शी जिनपिंग व किम जोंग, दोस्ती मजबूत करने को अहम ऐलान

-रूस से नजदीकी के कारण दोनों में मतभेद की लगाई जा रही थी अटकलें

देश-दुनिया/बीजिंग/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- कोरिया और रूस की कथित करीबी को लेकर बीजिंग की चिंता बढ़ने की अटकलों के बीच शी जिनपिंग और किम जोंग उन ने मुलाकात कर गतिविधियों की श्रृंखला शुरू करने का ऐलान किया है। वैसे चीन और उत्तर कोरिया को करीबी सहयोगी माना जाता हैं। दोनों देशों ने सोमवार को संयुक्त रूप से 2024 को ’चीन-डीपीआरके मैत्री वर्ष’ घोषित किया है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कोरिया चीन का सबसे करीबी रणनीतिक सहयोगी माना जाता है। उत्तर कोरिया के साथ चीन का करीबी सुरक्षा और आर्थिक सहयोग है।

2024 के पहले दिन क्यों अहम है दोनों नेताओं के बयान
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने एक जनवरी को नए साल का उत्सव मनाने के साथ-साथ शुभकामना संदेश जारी किए। दोनों का बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि दोनों अपने-अपने देश में सबसे शीर्ष नेता हैं। जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) सेंट्रल कमेटी के महासचिव हैं। दूसरी तरफ किम जोंग उन वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव हैं। किम डीपीआरके (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के राज्य मामलों के अध्यक्ष भी हैं।

चीन ने कोरिया को भेजे संदेश में क्या कहा?
किम को भेजे अपने संदेश में राष्ट्रपति जिनपिंग ने चीन और उत्तर कोरिया (क्च्त्ज्ञ) के करीबी द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चीन और डीपीआरके के बीच पारंपरिक मैत्रीपूर्ण सहयोग, दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों के कारण ऐतिहासिक कालखंड में हैं। दोनों पक्षों के बीच घनिष्ठ रणनीतिक संचार हो रहे हैं। व्यावहारिक सहयोग गहरा होने के अलावा, बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय मामलों में समन्वय और सहयोग भी मजबूत हुआ है। चीन-डीपीआरके ने सामान्य हितों की रक्षा की है। इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बरकरार रखने में मदद मिली है।

चीन के राष्ट्रपति को कोरिया का जवाब
जिनपिंग से मिले संदेश के बाद किम जोंग उन ने कहा कि 2024 दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में समाजवादी ढांचा नए चरण में प्रवेश कर चुका है। अंतरराष्ट्रीय परिवर्तन भी जटिल दौर में है। उन्होंने कहा, ’समाजवाद के संघर्ष में मजबूत हुई डीपीआरके-चीन की अटूट दोस्ती इस साल पूरी तरह से प्रदर्शित होगी। किम जोंग उन ने कहा, डीपीआरके और चीन के संबंधों में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।
          रिपोर्ट्स के मुताबिक मैत्री वर्ष के दौरान दोनों देशों की सरकारें राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगी। इससे मित्रता मजूबत होगी। क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के संयुक्त प्रयासों में सहयोग भी बढ़ेगा।

रूस और कोरिया की करीबी की खबरें
दरअसल, हाल में आई खबरों में कहा गया है कि किम जोंग उन, रूस के साथ घनिष्ठ सुरक्षा सहयोग स्थापित करने की कवायद कर रहे हैं। किम ने सितंबर में मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की थी। उन्होंने रूस में एक सप्ताह बिताया था। इस खबर के कारण चीन काफी चिंतित था। कोरिया ने जब रूस की मदद से जासूसी उपग्रह लॉन्च किया तो चीन की चिंता और गहराई।
          हांगकांग से प्रकाशित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक खबर के मुताबिक कथित तौर पर व्हाइट हाउस और अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर जासूसी करने में सक्षम उपग्रह लॉन्च किया गया। कोरिया कई बार अपने प्रयास में नाकाम रहा, लेकिन बीते साल पहली बार उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में प्रवेश कर गया।

यूक्रेन और रूस की लड़ाई में उत्तर कोरिया की भूमिका
इस घटनाक्रम का दक्षिण कोरियाई खुफिया विभाग ने भी संज्ञान लिया। रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच उत्तर कोरिया ने रूस का समर्थन किया। दक्षिण कोरिया का मानना है कि युद्ध के दौरान हथियारों की डिलीवरी के बदले किम जोंग उन रूस से महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता हासिल करने में सफल रहे। हालांकि रूस और उत्तर कोरिया ने किसी भी हथियार सौदे से इनकार किया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन एक त्रिपक्षीय धुरी में शामिल होने को लेकर सतर्क है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि ऐसा होने पर नया शीत युद्ध शुरू हो सकता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox