भारी बारिश का कहर: दिल्ली-एनसीआर, नैनीताल-शिमला और चंडीगढ़ में स्कूल आज बंद

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारी बारिश का कहर: दिल्ली-एनसीआर, नैनीताल-शिमला और चंडीगढ़ में स्कूल आज बंद

दिल्ली एनसीआर/अनीशा चौहान/- दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद जिला प्रशासन ने आज 03 सितंबर को सभी सरकारी और निजी स्कूलों (नर्सरी से कक्षा 12 तक) को बंद रखने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही नैनीताल, शिमला और चंडीगढ़ में भी सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। यह कदम छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ और चक्रवाती हवाओं के असर से क्षेत्र में मध्यम से तेज बारिश जारी रहेगी। दिल्ली में अगस्त 2025 में 400.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 72% अधिक और पिछले 15 वर्षों में सबसे ज्यादा है। वहीं सितंबर की शुरुआत में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

प्रशासन की सख्ती
नोएडा और गाजियाबाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी बोर्डों (सीबीएसई, ICSE, यूपी बोर्ड आदि) से संबद्ध स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। गाजियाबाद में जिला अधिकारी रवींद्र कुमार मंडार के आदेश पर सभी स्कूलों और कॉलेजों को भी बंद रखा गया है। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें।

उत्तर भारत में बारिश का कहर
दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तराखंड के नैनीताल, हिमाचल प्रदेश के शिमला, चंडीगढ़ और हरियाणा के झज्जर जिले में भी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है। शिमला में अगस्त 2025 में 431.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 76 सालों का रिकॉर्ड है। भारी बारिश के चलते भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox