भारत में कोरोना से दहशत..अब तक इतने लोगों की गई जान..इतने केस

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September 21, 2026

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भारत में कोरोना से दहशत..अब तक इतने लोगों की गई जान..इतने केस

मानसी शर्मा / – स्वास्थ्य मंत्रालय  के अनुसार, भारत में अब तक कोरोना ने 4,50,10,944 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। वहीं, 5,33,346 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। बता दें कि ओमिक्रॉन (OMICRON) के सब वैरिएंट JN.1 के अब तक 109 केस सामने आए हैं। इससे पहले बुधवार को दिल्ली में JN.1 का पहला केस मिला था। दिल्ली से पहले नोएडा  में भी JN.1 का केस मिल चुका है। नए वैरिएंट का भारत में पहला केस केरल में मिला था। देश में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक वृद्धि के बाद दिल्ली AIIM ने अस्पतालों के लिए गाइडलाइन जारी की है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने जानकारी दी कि दिल्ली में JN.1 का पहला मामला सामने आया है। दरअसल, दिल्ली में तीन सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे, और उनमें से एक में JN.1 की पुष्टि हुई, जबकि दो में ओमीक्रोन वैरिएंट मिला है। एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि 52 साल की महिला में JN.1 वैरिएंट की पुष्टि हुई है। महिला को तीन से चार हफ्ते पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला में कोरोना के सामान्य लक्षण थे। उन्हें खांसी और सांस लेने में दिक्कत थी। हालांकि, महिला की तबीयत अब ठीक है, उन्हें अस्पताल से भी छुट्टी देकर घर भी भेजा जा चुका है।

कितना खतरनाक है JN.1 वैरिएंट?
कोरोना का JN.1 वैरिएंट दूसरे वैरिएंट की अपेक्षा अधिक संक्रामक बताया जा रहा है जो तेजी से अन्य वैरिएंट की फैल रहा है। हालांकि, अभी तक इस वैरिएंट से कोई गंभीर खतरा सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने JN.1 वैरिएंट को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ के तौर पर बताया है। WHO के अनुसार, इससे जनता को कोई बड़ा खतरा नहीं है। इस वैरिएंट पर पहले से मौजूद वैक्सीन असरदार हैं। इससे पहले बुधवार को देश में कोरोना के 529 नए मामले सामने थे। इस दौरान 3 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से दो ने कर्नाटक और एक ने गुजरात में जान गंवाई थी।

बीमार लोगों को रखनी होगी ये सावधानी
डाक्टरों की मानें तो सर्दियों में खांसी और जुकाम के दौरान इस वेरिएंट से बचने के लिए स्वच्छता बेहद जरूरी है। पहले की तरह बार-बार हाथ धोना और स्कूल या काम से छुट्टी लेकर इसे रोकने के कारगर उपाय जारी रखने चाहिए। बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इससे काफी सतर्क रहने की जरूरत है। चिकित्सकों ने आगे कहा कि इसने साथ ही मधुमेह, ब्रोंकाइटिस या अस्थमा, हृदय व कैंसर रोगियों को घर से बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

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