भारत ने अमेरिका को दिखाया आईना, रूस से रिश्तों पर नहीं होगा कोई समझौता       

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 3, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारत ने अमेरिका को दिखाया आईना, रूस से रिश्तों पर नहीं होगा कोई समझौता       

- 'अमेरिका- फर्स्ट' पर ट्रंप का बयान

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी दोस्ती वैश्विक मंच पर एक मिसाल रही है। हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-रूस संबंधों पर तीखी टिप्पणी करते हुए भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की। ट्रंप का यह बयान भारत द्वारा रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदने के संदर्भ में आया, जिसे उन्होंने वैश्विक स्थिति के लिए नुकसानदेह बताया। वहीं, अब इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर व्हाइट हाउस को ही स्पष्टीकरण देना चाहिए।

ट्रंप का बयान
दरअसल, हाल ही में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भारत-रूस के रिश्तों को निशाना बनाते हुए एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कहा ‘मुझे परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है। दोनों अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं को साथ लेकर डूब सकते हैं।’ उन्होंने भारत पर उच्च आयात शुल्क लगाने की बात भी कही, जिसका उद्देश्य भारत को रूस से तेल और हथियार खरीदने के लिए दबाव बनाना माना जा रहा है। ट्रंप का यह बयान उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का हिस्सा है, जिसमें वे व्यापार घाटे को कम करने और सहयोगी देशों पर भी आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति अपनाते हैं।

इसके अलावा ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर भी निशाना साधा है। जिसमें भारत एक प्रमुख सदस्य है। उन्होंने ब्रिक्स को अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश करने वाला गठबंधन करार दिया और अतिरिक्त टैरिफ की धमकी दी। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची है और भारत ने रूस से सस्ते तेल का आयात जारी रखा है, जिससे उसकी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान के बाद भारत ने भी अपनी बात स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा ‘भारत की विदेश नीति स्वतंत्र और राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। हम अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं और किसी भी एकतरफा प्रतिबंधों का समर्थन नहीं करते।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया व्हाइट हाउस से ही मिलनी चाहिए।

रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका सहित कई मुद्दों पर बात की हैं। उन्होंने कहा ‘टैरिफ का जहां तक मामला है, इस पर सरकार की तरफ से एक बयान जारी किया गया है. जहां तक व्हाइट हाउस के वक्तव्य का सवाल है, इसको व्हाइट हाउस से पूछा जाए, तो ज्यादा बेहतर होगा।’ उनका कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच में जो रक्षा और सुरक्षा के बीच साझेदारी काफी मजबूत है, हाल के दिनों इसमें और भी मजबूती आई है।

भारत-रूस संबंधों की मजबूती
भारत -रूस के बीच रिश्ते सामरिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर आधारित हैं। रूस भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार रहा है। इसके अलावा हाल के सालों में दोनों देशों ने ऊर्जा, अंतरिक्ष और परमाणु तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया है। रूस से सस्ते तेल के आयात ने भारत को वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता से निपटने में मदद की है। वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा था ‘भारत गैर-पश्चिमी है, लेकिन पश्चिम-विरोधी नहीं।’

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox