भारत को रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता रहेगा अमेरिका- पेंटागन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारत को रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता रहेगा अमेरिका- पेंटागन

-अमेरिका भारत को रणनीतिक साझेदार के रूप में देखना जारी रखेगा और उसके साथ ठोस बातचीत करेगा।

अमेरिका/नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- अमेरिका भारत को रणनीतिक साझेदार के रूप में देखना जारी रखेगा और उसके साथ ठोस बातचीत करेगा। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन का यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक रूस यात्रा की पृष्ठभूमि में आया है, जिससे लेकर राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

पेंटागन के प्रेस सचिव मेजर जनरल पैट राइडर ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “भारत और रूस के बीच काफी लंबे समय से रिश्ते हैं। अमेरिका के नजरिये से, भारत एक रणनीतिक साझेदार है, जिसके साथ हम रूस से उसके रिश्तों को लेकर पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करना जारी रख रहे हैं। चूंकि, यह इस हफ्ते होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से संबंधित है, इसलिए निश्चित रूप से, आपकी तरह ही दुनिया का ध्यान भी इस पर केंद्रित है।”

मोदी के रूस दौरे से जुड़े एक सवाल के जवाब में राइडर ने कहा, “लेकिन मुझे नहीं लगता कि अगर (रूस के) राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस यात्रा को कुछ ऐसे पेश करें, जिससे किसी तरह यह दिखाया जा सके कि वह बाकी दुनिया से अलग-थलग नहीं हैं, तो कोई भी आश्चर्यचकित होगा। सच तो यह है कि राष्ट्रपति पुतिन के युद्ध का विकल्प चुनने से रूस बाकी दुनिया से अलग-थलग हो गया है और उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।”

राइडर ने कहा, “उन्हें आक्रामकता की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है और तथ्य इस बात की गवाही देते हैं। इसलिए, हम भारत को रणनीतिक साझेदार के तौर पर देखना जारी रखेंगे। हम उनके साथ ठोस बातचीत करना जारी रखेंगे।”
एक संवाददाता ने कहा कि पुतिन उतने अलग-थलग नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रमुख अभी मॉस्को में है और उनसे गर्मजोशी से मिल रहा है।

इस पर राइडर ने कहा, “मैं इस बात का भी उल्लेख करना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी और उन्हें आश्वस्त किया था कि भारत यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए वह सब कुछ करना जारी रखेगा, जो उसके बस में है।”
पेंटागन के प्रेस सचिव ने कहा, “मुझे लगता है कि हमें यकीन है कि भारत यूक्रेन में स्थायी और न्यायसंगत शांति कायम करने के प्रयासों का समर्थन करेगा और पुतिन को संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का पालन करने के महत्व से अवगत कराएगा।”

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox