भारत की अखंडता को लेकर कनाडा व चरमपंथियों को भारत की दो टूक

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारत की अखंडता को लेकर कनाडा व चरमपंथियों को भारत की दो टूक

-भारत ने कहा- क्षेत्रिय अखंडता पर बुरी नजर रखने वालों के लिए हमने खींच दी रेड लाइन, हम करेंगे अपना फैसला

ओटावा/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- कनाडा में भारत के खिलाफ खालिस्तानियों की कारगुजारियों पर भारत ने कड़ा रूख दिखाते हुए कनाडा व चरमपंथियों का साफ संदेश देते हुए कहा कि भारत की क्षेत्रिय अखंडता पर बुरी नजर रखने वालों के लिए हमने रेड लाइन खींच दी है और किसी भी नापाक हरकत को भारत बर्दाश्त नही करेगा।

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि खालिस्तान के मुद्दे को फिर से उभरने पर भारत की चिंताओं को समझने में कनाडा में कमी की है। भारतीय राजदूत ने साफ कहा कि भारत के भविष्य का फैसला हम करेंगे कोई बाहर बैठा नहीं।
         कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने ट्रूडो सरकार को भारत सरकार का साफ संदेश पहुंचा दिया है कि उसकी जमीन से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उठने वाला कोई खतरा नई दिल्ली बर्दाश्त नहीं करेगा। भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, ’दशकों पुराने मुद्दे (खालिस्तान) को फिर से उभरने पर कनाडा ने भारत की चिंता को नहीं समझा है, जिसके चलते नई दिल्ली और ओटावा के बीच तनाव बढ़ा है।’ मॉन्ट्रियल काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन के एक कार्यक्रम में वर्मा ने इसे भारत के लिए बड़ी खतरे की रेखा बताया। भारतीय उच्चायुक्त का बयान ऐसे समय में आया है, जब खालिस्तान समर्थक अलगाववादी हरदीप निज्जर की हत्या के मामले में हाल ही में तीन भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव को सुर्खियों में ला दिया है।
         वर्मा ने कहा, मेरी चिंता कनाडा की जमीन से पैदा होने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को लेकर है। ये खतरे बड़े पैमाने पर कनाडाई वर्गों से हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ’हम किसी भी दिन बातचीत की मेज पर बैठने के लिए तैयार हैं और हम ऐसा कर रहे हैं और हम इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।’

खालिस्तानियों पर दिया सख्त संदेश
भारतीय उच्चायुक्त ने आगे कहा, जब हम दो देशों को द्विपक्षीय संबंधों में भागीदार, रणनीतिक साझेदार या मित्र कहते हैं तो हम उम्मीद करते हैं कि अन्य देश एक दूसरे के दृष्टिकोण को समझें, एक दूसरे की सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करें। दुर्भाग्य से कुछ मुद्दे रहे हैं और यह कोई नई बात नहीं है। ये दशकों पुराने मुद्दे हैं, जो फिर से सामने आ गए हैं।
           वर्मा ने कनाडा में खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों को विदेशी कहा, क्योंकि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं हैं। उन्होंने कहा, विदेशियों (खालिस्तानियों) की भारत की अखंडता पर बुरी नजर है, जो हमारे लिए खतरे की रेखा है। भारत में क्या होगा और भारत का भविष्य क्या होगा, इसका फैसला भारत के लोग करेंगे, विदेशी नहीं। उन्होंने आगे कहा, अगर से बाहर रहे भारतीय बदलाव चाहते हैं तो वे भारत वापस जाएं और चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लें। भारत में हर 5 साल पर राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव होते हैं।

निज्जर हत्याकांड में तीन भारतीयों की गिरफ्तारी
बीते सप्ताह कनाडा पुलिस ने खालिस्तानी समर्थक चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में कथित तौर पर शामिल तीन भारतीयों करनप्रीत सिंह, कमलप्रीत सिंह और करन बराड़ को पकड़ने का दावा किया था। पुलिस ने तीनों को निज्जर को मारने वाले हिट स्क्वॉड क सदस्य बताया था। हरदीप सिंह निज्जर की बीते साल जून में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बीते साल सितम्बर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्याकांड में बिना किसी सबूत के भारत की एजेंसियों का नाम लिया था।
         वहीं, ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ऐसे किसी लिंक की बात नहीं की, बल्कि कहा कि वह भारत के शामिल होने को लेकर अभी जांच कर रही है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तीन भारतीय गिरफ्तारियों के बाद कहा था कि कनाडा भारत में वांटेड अपराधियों को शरण देता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox