बेमौसम बरसात ने तोड़ी किसानों की कमर, अब मुआवजे के सहारे किसान

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May 7, 2026

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बेमौसम बरसात ने तोड़ी किसानों की कमर, अब मुआवजे के सहारे किसान

-पालम-360 ने उपराज्याल से की किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की मांग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/दिल्ली देहात/शिव कुमार यादव/- बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए मंगलवार को पालम 360 के प्रधान चौ. सुरेंद्र सोलंकी ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मिलकर दिल्ली देहात के किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होने कहा कि बेमौसम बरसात ने पूरी तरह से दिल्ली के किसानों की कमर तोड़ दी है और अब वो सिर्फ मुआवजे के सहारे हैं।
                   उपराज्यपाल से भेंट करने उपरांत पालम-खाप के अध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने बताया कि जिस तरह खेतों में तैयार रबी की फसलों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है, उससे दिल्ली देहात के किसान परिवारों की मुसीबत बहुत बढ़ गई है। हमने उपराज्यपाल से मुलाकात करके दिल्ली देहात के किसानों को 50,000 प्रति एकड़ के हिसाब से जल्द से जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्हें वर्षों से लंबित दिल्ली देहात के 18 सूत्रीय मांगों और समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु भी आग्रह किया। जिस पर उपराज्यपाल ने हमें इन सभी मुद्दों के जल्द जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है।

                     मुलाकात के दौरान किसानों को मुआवजे के अलावा चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने दिल्ली देहात के जिन प्रमुख मुद्दों और समस्याओं के समाधान हेतु उपराज्यपाल को अवगत कराया वो हैं- दिल्ली में बंद म्यूटेशन प्रक्रिया को पुनः बहाल करना, जमीन अधिग्रहण के बदले लोगों को अल्टरनेटिव प्लॉट दिए जाने, ग्राम सभा की जमीनों का डीडीए द्वारा अधिग्रहण पर रोक लगाकर उनका इस्तेमाल गांव देहात के लोगों को जन सुविधाएं उपलब्ध कराने व विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जाना, ग्राम सभा के बैंकों में जमा लगभग 4000 करोड़ रुपए को सामाजिक पंचायतों के माध्यम से गांव देहात के विकास कार्यो में इस्तेमाल किए जाने की सुविधा प्रदान कराना, जमीन अधिग्रहण पर पड़ोसी राज्यों की तुलना में दिल्ली में मिल रही कम मुआवजा राशि को उचित मात्रा में बढ़ाया जाना, धारा 81 और धारा 33 को ख़तम किया जाय और इसके तहत दर्ज पुराने मुकदमों को वापस लेना, दिल्ली देहात के क्षेत्र को सरकार द्वारा ’विशेष दर्जा’ दिया जाना और लालडोरा क्षेत्र का विस्तार किया जाना प्रमुख है।

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