’बिना एनआरसी के आवेदन पर किसी को भी नागरिकता मिली तो दे दूंगा इस्तीफा’- सीएम सरमा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

’बिना एनआरसी के आवेदन पर किसी को भी नागरिकता मिली तो दे दूंगा इस्तीफा’- सीएम सरमा

-सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने विपक्षी पार्टियों के प्रदर्शन के बाद कहा

गुवाहटी/शिव कुमार यादव/- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि अगर किसी व्यक्ति को बिना एनआरसी के आवेदन पर नागरिकता मिलती है तो वह इस्तीफा दे देंगे। उनका यह बयान सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियमों को लागू करने पर असम में विपक्षी पार्टियों के प्रदर्शन के बाद आई है।
          असम के सीएम ने कहा, “मैं असम का बेटा हूं और अगर एक भी व्यक्ति जिसने एनआरसी के लिए आवेदन नहीं किया है और उसे नागरिकता मिलती है तो मैं इस्तीफा देने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा।“ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि सीएए लागू होने के बाद लाखों की संख्या में लोग राज्य में प्रवेश किए थे।

          उन्होंने कहा, “अगर ऐसा होता है तो मैं विरोध करने वाला पहला व्यक्ति होऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएए को लेकर कुछ भी नया नहीं है अब पोर्टल पर आवेदन का समय आ गया है।“ उन्होंने कहा, “अब पोर्टल पर डेटा बताएगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि कानून का विरोध करने वालों के लिए यह दावें सही है या नहीं।“

सीएए का समर्थन नहीं करने वालों को अदालत जाने का सुझाव
सीएम सरमा ने आगे कहा, “सीएए का समर्थन करने वाले भी असम में है और जो इसका समर्थन नहीं कर रहे हैं, वे भी यहां है। जो भी सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे कोर्ट जा सकते हैं। हमारा उद्देश्य राज्य में शांति बनाए रखना है। मैं सभी से अपील करना चाहता हूं कि वे इस दिशा में आगे बढ़ें।“

क्या है नागरिकता संशोधन अधिनियम
बता दें कि सीएए के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों से संबंधित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता लेने में आसानी होगी। ऐसे अल्पसंख्यक, 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश कर चुके हों।

इससे पहले भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए किसी भी व्यक्ति को कम से कम 11 साल तक भारत में रहना जरूरी था। नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के अंतर्गत इस नियम को आसान बनाया गया है। नागरिकता हासिल करने की अवधि को एक से छह साल किया गया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox