नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/शिव कुमार यादव/- अकसर देखने में आता है कि दुर्घटना के वक्त कोई बिरला ही सहायता के लिए आगे आता है। हालांकि पुलिस तो अपना काम करती है लेकिन जनसहयोग ना के बराबर ही होता है। ऐसे में शवों को ले जाना उनके परिजनों के लिए एक गंभीर समस्या बन जाता है। लेकिन अब बाहरी जिला पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत एक नई पहल शुरू की है जिसमें शांति सेवा संस्थान के सहयोग से जिला उपायुक्त हरेन्द्र सिंह ने दो एम्बुलेंस सेवा शुरू की है जो क्षेत्र में लावारिश व दुर्घटनाओं में मारें गये लोगों के शवों को उनके पैतृक स्थान तक निःशुल्क पंहुचाने में मदद करेगी। इस सेवा से गरीबों को सबसे ज्यादा फायदा पंहुचेगा।

सामुदायिक पुलिस पहल ’अंतिम सफर’ के तहत और ’शांति सेवा संस्थान एनजीओ’ के सहयोग से डीसीपी कार्यालय परिसर, बाहरी जिले में डीसीपी हरेन्द्र सिंह ने दो एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। एंबुलेंस से शवों को निःशुल्क उनके पैतृक स्थान पहुंचाया जाएगा साथ ही लावारिस शवों को मोर्चरी तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर अमित वर्मा, आईपीएस, एडीएल-1 और श्री एस.आर. मीना, एसीपी/मुख्यालय भी उपस्थित रहे। एसीपी मीणा को बाहरी जिला पुलिस की अनुशंसा पर जरूरतमंदों को एंबुलेंस उपलब्ध कराकर मानवता की सेवा के लिए बाहरी जिले के अधिकार क्षेत्र में एनजीओ द्वारा निःशुल्क तैनात किया जाएगा। इन एंबुलेंसों की सेवाओं का उपयोग शवों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ पीसीआर कॉल के दौरान शवगृह तक लावारिस शवों को पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

इस अवसर पर डीसीपी बाहरी जिला श्री हरेन्द्र सिंह ने कहा कि एंबुलेंस सेवा के टेलीफोन नंबर बाहरी जिले के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इस नेक काम में उनके योगदान के लिए एनजीओ को भी प्रोत्साहित किया गया। ऐसी बातें आम जनता व समाज में मानवता की भावना को मजबूत करने में बहुत आगे तक जाती हैं।


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