नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- बांग्लादेश में गिरफ्तार किए गए हिंदू धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास के मामले की पैरवी कर रहे वकील रमन रॉय पर जानलेवा हमला हुआ है। इस हमले में रॉय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हमले के बाद रॉय की हालत नाजुक बनी हुई है और वह आईसीयू में अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने इस हमले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने लिखा, “कृपया वकील रमन राय के लिए प्रार्थना करें। रॉय की गलती केवल इतनी थी कि उन्होंने चिन्मय प्रभु का कानूनी बचाव किया।” राधारमण दास ने दावा किया कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने रॉय के घर में घुसकर हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इस हमले को लेकर राधारमण दास ने एक बंगाली चैनल से बात करते हुए कहा कि यह घटना बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत करने वालों के लिए बढ़ते खतरों को दर्शाती है।
चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका पर होनी थी सुनवाई
गौरतलब है कि 25 नवंबर को हिंदू धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद, मंगलवार 3 दिसम्बर को उनकी जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही उनके वकील रमन रॉय पर हमला हुआ। इस हमले के बाद, यह मामला और जटिल हो गया है।
बांग्लादेश के विदेश सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेश सरकार यह साफ संदेश देना चाहती है कि वह किसी भी तरह की सांप्रदायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “सरकार हिंदू और मुस्लिम को एक बराबर देखती है और कानून अपने हिसाब से काम करेगा। अगर कोई गड़बड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
बांग्लादेश में बढ़ता हिंदू समुदाय पर हमला
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के बाद से हिंदू समुदाय पर हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बांग्लादेश में रोज़ाना कई हिंदूओं को निर्ममता से पीटा जा रहा है, उनके घरों और दुकानों को लूटा जा रहा है। इन घटनाओं के बाद भारत ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
इस हमले ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और यह घटना वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गई है।


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