बनभूलपुरा में हुई हिंसा में 4 की मौत , इंटरनेट सेवाएं बंद

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October 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बनभूलपुरा में हुई हिंसा में 4 की मौत , इंटरनेट सेवाएं बंद

मानसी शर्मा / – नैनीताल जिले के हल्द्वानी में हुई हिंसा में बड़ी ख़बर सामने आई है। गुरुवार (8 फरवरी) को बनभुलपुरा में नगर निगम की टीम पर हुए पथराव में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, तो वहीं 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। ख़बरों के मुताबिक सभी घायलों का इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।

बनभूलपुरा में इंटरनेट सेवाएं बंद
बता दें कि हल्द्वानी के बनभुलपुरा में बढ़ती हुंसा को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। नैनीताल जिला प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों को भी बंद करने का आदेश दिया है। इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की भी ख़बर है।

CM धामी ने बुलाई बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी  ने इस मामले का संज्ञान लते हुए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, पुलिस एवं इंटेलिजेंस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की। साथ ही सीएम धामी ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। इलाके में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

 क्यों भड़की हिंसा?
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में हिंसा उस वक्त भड़की जब  बनभूलपुरा में एक “अवैध रूप से निर्मित” मदरसे के विध्वंस के लिए नगर निगम की टीम वहां पहुंची। इस दौरान पुलिस की टीम भी उनके साथ मौजूद थी। लेकिन इससे पहले की अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई शुरू हो पाती, स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। वहां मौजूद उपद्रवियों ने प्रशासन, पुलिस और पत्रकारों के ऊपर पत्थरबाजी की जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
 यही नहीं, उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियों में भी आग लगा दी थी। हालात बेकाबू होने की वजह से पुलिस को कई राउंड फायरिंग भी करनी पड़ी। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को इलाके में कर्फ्यू लगाना पड़ गया है।

मदरसे के अवैध निर्माण के लिए पहले भी दिया गया था नोटिस
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद मीना ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने मदरसे पर पहले भी नोटिस दिया गया था। इसी की कार्रवाई के लिए गुरूवार को नगर निगम की टीम वहां पहुंची थी। जिला मजिस्ट्रेट वंदना ने दावा किया कि ऐसा लगता है कि हिंसा “पूर्व नियोजित” थी और “पत्थर पहले से ही घरों में जमा किए गए थे”। उन्होंने कहा, “दंगाइयों ने पेट्रोल बमों का भी इस्तेमाल किया है।

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