प्राग/शिव कुमार यादव/- चेक गणराज्य की राजधानी प्राग की यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी में मरने वालों का आंकड़ा 15 हो गया है। इस हमले में 20 लोग घायल भी हुए हैं। हमलावर भी मारा गया है। हमलावर के शव पर गहरे घाव हैं हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमलावर ने खुद को गोली मारी या फिर वह पुलिस के साथ हुई फायरिंग में ढेर हुआ। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पुलिस ने बताया है कि आरोपी हमलावर की पहचान 24 साल के यूनिवर्सिटी के छात्र डेविड कोजाक के रूप में हुई है।

कौन था प्राग का हमलावर डेविड कोजाक
शुरुआती जांच में पता चला है कि डेविड कोजाक प्राग की चार्ल्स यूनिवर्सिटी में पोलिश इतिहास की पढ़ाई कर रहा था। प्राग पुलिस के चीफ मार्टिन वोंदरासेक ने बताया कि हमलावर छात्र पढ़ाई में काफी तेज था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास कई आधुनिक हथियारों के लाइसेंस थे और जब वह यूनिवर्सिटी में हमला करने पहुंचा था तो उसके पास बड़े पैमाने पर हथियार और गोलियां थी। इससे साफ है कि वह पूरी योजना बनाकर नरसंहार के इरादे से ही यूनिवर्सिटी पहुंचा था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया जा रहा है कि आरोपी विदेश में हुई ऐसी ही एक घटना से प्रेरित था। पुलिस का दावा है कि रूस के स्कूल में हुई मास शूटिंग के हमले से आरोपी प्रेरित था। जिसमें 14 साल के रूसी हमलावर ने अपने सहपाठी की हत्या कर दी थी और पांच अन्य को घायल कर दिया था।

नरसंहार से पहले अपने पिता की हत्या की
आरोपी हमलावर प्राग से कुछ दूरी पर स्थित होसटोन इलाके का निवासी था। प्राग पुलिस ने बताया कि जब वह आरोपी के घर पहुंचे तो वहां आरोपी के पिता का शव बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि हमलावर ने यूनिवर्सिटी में मास शूटिंग से पहले घर में अपने पिता की हत्या कर दी थी। पुलिस का कहना है कि हमलावर ने पिता की हत्या के बाद ही खुद की जान लेने की कोशिश की थी। हालांकि बाद में उसने यूनिवर्सिटी पहुंचकर वीभत्स घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के घर की तलाशी लेने पर उन्हें शक है कि 15 दिसंबर को हुई एक व्यक्त और उसकी दो महीने की बेटी की हत्या भी डेविड कोजाक ने ही की थी।


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