पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत 54 सांसद राज्यसभा से हुए रिटायर

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत 54 सांसद राज्यसभा से हुए रिटायर

-कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने लिखी चिट्ठी- संसद को आपके ज्ञान की कमी खलेगी, ये एक युग का अंत

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 33 साल बाद आज राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। वे 1991 में सबसे पहली बार असम से राज्यसभा पहुंचे थे। छठी और आखिरी बार वे 2019 में राजस्थान से राज्यसभा सांसद बने।
          मनमोहन सिंह के रिटायरमेंट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें खत लिखा। इसमें उन्होंने कहा- अब आप सक्रिय राजनीति में नहीं होंगे, लेकिन आपकी आवाज जनता के लिए लगातार उठती रहेगी। संसद को आपके ज्ञान और अनुभव की कमी खलेगी। बता दें कि मनमोहन सिंह की जगह अब कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पहली बार राज्यसभा पहुंचेंगी। 20 फरवरी को उन्हें राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया था।

राज्यसभा से कुल 54 सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। इनमें से 49 सांसद 2 अप्रैल को सदन से रिटायर हुए। मनमोहन सिंह समेत 5 सांसदों का कार्यकाल आज (3 अप्रैल) खत्म हो रहा है। इन 54 सांसदों में 9 केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं।

खड़गे ने मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखी
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मनमोहन सिंह को लिखे खत में कहा- अब आप सक्रिय राजनीति में नहीं होंगे, लेकिन आपकी आवाज जनता के लिए लगातार उठती रहेगी। तीन दशकों से अधिक समय तक आपने सेवा की है। आपके रिटायरमेंट से एक युग का अंत हो गया है।

बहुत कम लोगों ने देश और उसके लोगों के लिए आपके जितना काम किया है। आपने दिखाया है कि ऐसी आर्थिक नीतियों को आगे बढ़ाना संभव है जो बड़े उद्योगों, युवा उद्यमियों, छोटे व्यवसायी, वेतनभोगी वर्ग और गरीबों के लिए समान फायदेमंद हों।
         संसद को आपके ज्ञान और अनुभव की कमी खलेगी। आपके मर्यादित, नपे-तुले, मृदुभाषी लेकिन राजनेता जैसे शब्द झूठ से भरी उन तेज आवाजों के विपरीत हैं, जो वर्तमान राजनीति का संकेत देते हैं। वर्तमान सियासी स्थिति ऐसी है कि बेईमानी की तुलना चतुर नेतृत्व से की जाने लगी है।
         आप हमेशा मध्य वर्ग और आकांक्षी युवाओं के लिए नायक, उद्योगपतियों और उद्यमियों के लिए मार्गदर्शक और उन सभी गरीबों के लिए संरक्षक बने रहेंगे, जो आपकी नीतियों की बदौलत गरीबी से बाहर निकले थे।

9 केंद्रीय मंत्रियों का भी कार्यकाल आज खत्म
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री पुरषोत्तम रूपाला, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन, डैडम् मंत्री नारायण राणे और सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन का कार्यकाल मंगलवार को खत्म हुआ।
          वहीं, पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कार्यकाल आज खत्म होगा। इन केंद्रीय मंत्रियों में से सिर्फ अश्विनी वैष्णव और एल. मुरुगन को पार्टी ने फिर से राज्यसभा भेजा है। रिटायर होने वाले बाकी सभी मंत्रियों को पार्टी ने लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है।

जया बच्चन और मनोज झा फिर राज्यसभा पहुंचेंगे
रिटायर होने वालों में समाजवादी पार्टी की जया बच्चन भी शामिल हैं। हालांकि, पार्टी ने उन्हें फिर से राज्यसभा भेजा है। इसके अलावा राजद के मनोज कुमार झा को भी बिहार से राज्यसभा के लिए एक और कार्यकाल के लिए नामांकित किया गया है।
         कर्नाटक के नसीर हुसैन भी रिटायर होने वालों की सूची में शामिल हैं, कांग्रेस ने उन्हें कर्नाटक से फिर से नामांकित किया है। कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हुआ। वे फिर से राज्यसभा नहीं पहुंच पाए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वे हार गए थे।

प्रकाश जावड़ेकर और सुशील मोदी को भाजपा ने फिर राज्यसभा नहीं भेजा
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी भी रिटायर हो रहे हैं। पार्टी ने उन्हें उत्तराखंड की गढ़वाल सीट से लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है। इसके अलावा भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा है।

राजस्थान से निर्विरोध चुनी गईं सोनिया गांधी
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 14 फरवरी को राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के दौरान उनके साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद थे। 20 फरवरी को नाम वापस लेने का आखिरी दिन था। उसी दिन सोनिया गांधी को निर्विरोध चुन लिया गया। यह पहला मौका है जब सोनिया गांधी राज्यसभा जा रही हैं। वे 5 बार की लोकसभा सांसद हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी (1964-1967 तक) राज्यसभा की सांसद रह चुकी हैं।

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