नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- दिल्ली के द्वारका कोर्ट परिसर में पुलिस की सक्रियता और मुस्तैदी का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक महिला अधिवक्ता का खोया हुआ मोबाइल फोन बेहद कम समय में बरामद कर उसे वापस सौंप दिया गया। यह घटना 1 अप्रैल 2026 की है, जब गुरुग्राम निवासी महिला वकील का मोबाइल फोन द्वारका कोर्ट के मेडिएशन सेंटर में किसी कार्य के दौरान गुम हो गया था।
शिकायत मिलते ही पुलिस पोस्ट द्वारका कोर्ट की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और तकनीकी सर्विलांस के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पूछताछ और तलाशी अभियान चलाया। टीम ने कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने में सफलता हासिल की।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व चौकी प्रभारी एसआई रजत मलिक ने किया, जबकि टीम में महिला हेड कांस्टेबल संजू और हेड कांस्टेबल नरेश मीणा भी शामिल रहे। यह कार्रवाई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह और एसीपी किशोर कुमार रेवाला के मार्गदर्शन में की गई।
कड़ी मेहनत और समन्वित प्रयासों के चलते पुलिस टीम ने कुछ ही घंटों में मोबाइल फोन को ढूंढ निकाला और उसे सुरक्षित रूप से उसकी असली मालिक को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने पर महिला अधिवक्ता ने पुलिस टीम का आभार जताया और उनकी तत्परता की सराहना की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई न केवल जनता के बीच विश्वास बढ़ाती है, बल्कि पुलिस की सेवा भावना और जिम्मेदारी को भी दर्शाती है। द्वारका जिला पुलिस का यह प्रयास “सेवा ही सर्वोपरि” के सिद्धांत को साकार करता है।


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