Assam: पीएम मोदी ने बढ़ाई वायुसेना की ताकत, शुरू हुई पहली आपात लैंडिंग सुविधा

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August 17, 2026

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Assam: पीएम मोदी ने बढ़ाई वायुसेना की ताकत, शुरू हुई पहली आपात लैंडिंग सुविधा

-रक्षा तैयारियों को करेगी मजबूत

असम/सिमरन मोरया/-  प्रधानमंत्री नारेंद्र मोदी ने शनिवार, 14 फरवरी को असम के मोरान में नॉर्थ-ईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरकर एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धि को चिह्नित किया। ये विशेष लैंडिंग स्ट्रिप राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई गई है और जरूरत पड़ने पर रनवे के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है। पीएम मोदी C-130J Super Hercules विमान से यहां पहुंचे। उनके आगमन के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा हवाई प्रदर्शन भी किया जाना है, जिसमें लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे।
 
फैसिलिटी का सामरिक महत्व
ये इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी डिब्रूगढ़-मोरान राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत मोरान बाईपास पर बनाई गई है। करीब 4.2 किलोमीटर लंबा यह हिस्सा आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे की तरह काम करेगा। जरूरत पड़ने पर यहां फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर उतर और उड़ान भर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार इस फैसिलिटी का सामरिक महत्व भी है। मोरान से चीन सीमा लगभग 300 किलोमीटर और म्यांमार सीमा करीब 200 किलोमीटर दूर है। ऐसे में यह स्ट्रिप रक्षा अभियानों, मानवीय राहत कार्यों और आपात स्थितियों में काफी मददगार साबित होगी, खासकर तब जब पारंपरिक एयरबेस उपलब्ध न हों।
 
सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान
ये हाईवे लैंडिंग स्ट्रिप देश के अन्य हिस्सों में बने एक्सप्रेसवे एयरस्ट्रिप की तर्ज पर तैयार की गई है। सामान्य दिनों में इस पर सड़क यातायात चलेगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे विमान संचालन के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान, जिसे अमेरिकी कंपनी Lockheed Martin बनाती है, छोटे और अर्ध-तैयार रनवे पर उतरने में सक्षम है। यही वजह है कि इसे रणनीतिक मिशन, राहत कार्य और सैनिकों के परिवहन में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
 
रक्षा तैयारियों को करेगी मजबूत
अधिकारियों का कहना है कि ये परियोजना न सिर्फ नॉर्थ-ईस्ट में रक्षा तैयारियों को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क भी सुनिश्चित करेगी। यह पहल भारत की बढ़ती कनेक्टिविटी और सुरक्षा तैयारी का प्रतीक मानी जा रही है।

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