पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की ट्रंप के साथ तस्वीर पर विवाद

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की ट्रंप के साथ तस्वीर पर विवाद

– सेल्समैन’ कहकर संसद में उठे सवाल

मानसी शर्मा/- इस्लामाबाद/वॉशिंगटन: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ली गई एक तस्वीर को लेकर अपने ही देश में तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह तस्वीर 28 सितंबर 2025 को सामने आई, जिसमें मुनीर एक लकड़ी के बॉक्स में रखे दुर्लभ मृदा खनिज (Rare Earth Minerals) का नमूना ट्रंप को दिखाते नजर आ रहे हैं। उनके साथ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी खड़े हैं।

इस तस्वीर के वायरल होते ही पाकिस्तान में राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

‘सेल्समैन’ जैसा व्यवहार, संसद में उठा सवाल

पाकिस्तानी सीनेटर ऐमन वली खान (अवामी नेशनल पार्टी) ने संसद में इस तस्वीर को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा:

“यह बेहद शर्मनाक है कि पाकिस्तान का आर्मी चीफ खनिजों से भरा बॉक्स लेकर ट्रंप के सामने खड़ा है, जैसे कोई सेल्समैन हो। और प्रधानमंत्री बगल में मैनेजर की तरह मुस्कुरा रहे हैं। ये एक मज़ाक है।”

उन्होंने सवाल किया कि जनरल मुनीर ने आखिर किस अधिकार से ट्रंप को यह ‘गिफ्ट’ दिया? साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते और ट्रंप के इजराइल-गाज़ा शांति योजना पर पाकिस्तान की कथित सहमति को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

भारत में भी शुरू हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया

यह मुद्दा भारत में भी बहस का विषय बन गया।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

“डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आतंकवाद समर्थक जनरल मुनीर को व्हाइट हाउस में बुलाना भारत की विदेश नीति की विफलता है। यह वही जनरल हैं, जिनका नाम भारत विरोधी गतिविधियों में आता रहा है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ट्रंप के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग की और इसे सरकार की “चुप्पी” का उदाहरण बताया। विपक्ष ने इसे कूटनीतिक असफलता करार दिया।

पारदर्शिता और कूटनीति पर उठे सवाल

पाकिस्तान के अंदर उठते सवाल इस ओर इशारा करते हैं कि जनरल मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अमेरिकी दौरे पर पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर जनता और विपक्ष दोनों में असंतोष है। यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक चुनौतियों, राजनीतिक अस्थिरता और सामरिक साझेदारियों को लेकर वैश्विक दबाव झेल रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox