नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- पश्चिमी दिल्ली लोकसभा में चुनाव प्रचार थम चुका है। लोग अब समुहों में बैठकर इस सीट पर होने वाले मुकाबले की चर्चा करते दिखाई देते है। हालांकि इस सीट पर पूर्वांचली, पंजाबी व स्थानीय लोग ही दोनों में से किसी भी प्रत्याशी की जीत का आधार बनेंगे। इस सीट पर जिस तरह के समीकरण व लोगों का रूझान व समर्थन सामने आ रहा है उससे यही लगता है कि इस सीट पर दोनो प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर होगी।

प्रवेश वर्मा का टिकट कटने के बाद अब पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से भाजपा की तरफ से कमलजीत सहरावत मैदान में है। भाजपा उम्मीदवार सेहरावत का मुकाबला बिहारी दिग्गज महाबल मिश्रा से है। मिश्रा इंडिया गठबंधन और आम आदमी पार्टी के साझा उम्मीदवार हैं।
कमलजीत दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की महापौर रह चुकी हैं। फिलहाल वे द्वारका-बी वार्ड से पार्षद हैं। जाट समाज से आने वालीं दिल्ली भाजपा की महासचिव कमलजीत सहरावत अपने क्षेत्र में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे समय-समय पर पार्टी के सभी कार्यक्रमों और धरना-प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रही हैं। वे दिल्ली भाजपा की महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रही हैं। इसलिए भाजपा ने महिला और जाट वोटरों को साधने के लिए कमलजीत सहरावत पर दांव खेला है। पश्चिमी दिल्ली की रहने वाली कमलजीत सहरावत मतदाताओं के बीच हमेशा बेटी और बहू की तरह पेश आती हैं। वे चुनाव प्रचार के दौरान आम लोगों से हमेशा हाजिर रहने का वादा करते हुए नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कमलजीत सेहरावत के समर्थन में द्वारका में एक चुनावी रैली को संबोधित कर चुके हैं।

भाजपा उम्मीदवार सेहरावत का मुकाबला बिहारी दिग्गज महाबल मिश्रा से है। मिश्रा इंडिया गठबंधन और आम आदमी पार्टी के साझा उम्मीदवार हैं। बिहार के मधुबनी के रहने वाले महाबल मिश्रा का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। वे कांग्रेस पार्टी की तरफ से पहले भी पार्षद, विधायक भी रह चुके हैं। हालांकि, भाजपा की लहर में पहले उन्होंने अपनी सांसदी गंवाई, इसके बाद उन्होंने कांग्रेस से विधायक का चुनाव लड़ा लेकिन आप को मिले प्रचंड बहुमत ने उन्हें दिल्ली विधानसभा तक भी नहीं पहुंचने दिया। पिछले लोकसभा चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनके पुत्र विनय मिश्रा के आप में शामिल होने के बाद महाबल मिश्रा भी आप में शामिल हो गए। ऐसे में पूर्वांचलियों के दिलों में सालों पहले राज करने वाले महाबल मिश्रा पर आप पार्टी ने फिर विश्वास जताया है। मिश्रा के लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी रोड शो कर चुके हैं। मिश्रा के बेटे विनय अभी इसी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली द्वारका सीट से आप पार्टी से विधायक हैं।
नजफगढ़ प्रभारी महेश द्विवेदी कहते हैं कि महाबल मिश्रा जमीन से जुड़े नेता हैं। वे ऐसे एक मात्र नेता हैं जो पूरे क्षेत्र में कई बार स्कूटी या बाइक पर घूमते हुए मिल जाएंगे। सीनियर नेता और वीआईपी होने के बावजूद वे जरूरत पड़ने पर बिना किसी तामझाम और बगैर प्रोटोकॉल के स्कूटी से ही लोगों के बीच पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि वे पूर्वांचली मतदाताओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। क्षेत्र के लोग उन्हें पश्चिमी दिल्ली के ’पुराने चावल’ या स्कूटी वाले बाबा कहकर भी पुकारते हैं।
इसलिए नजर आ रही है कांटे की टक्कर
भाजपा पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट पर पिछले दो बार से चुनाव जीतती आ रही है। इस लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली सभी 10 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। बाबा रमेश तिवारी कहते हैं कि इस बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। इसलिए उम्मीद है कि इंडिया गठबंधन का उम्मीदवार जीत सकता है। मिश्रा की पहले से इस क्षेत्र में पकड़ है। वे पूर्व सांसद भी रहे हैं। साथ ही बिहार के रहने वाले हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिहारी लोग रहते हैं। ऐसे में क्षेत्रीय वोटर्स को साधने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।
नजफगढ़ से हरेन्द्र सिंघल का कहना है कि भाजपा उम्मीदवार कमलजीत सहरावत हमारे बीच की ही उम्मीदवार है। हमारे हक के लिए वे दिन रात खड़ी रहती हैं। उन्होंने हमारे क्षेत्र में कई काम करवाए हैं। वे आज भी अन्य स्थानीय नेताओं की तुलना में ज्यादा एक्टिव नजर आतीं हैं। पश्चिमी दिल्ली में बड़ी संख्या में जाट, गुर्जर, सिख मतदाता हैं निश्चित तौर पर उन्हें इसका लाभ मिलेगा। सहरावत लंबे समय तक से महिला विंग से जुड़ी रही है। इसलिए महिलाओं में लोकप्रियता बहुत ज्यादा है।
2008 में अस्तित्व में आई पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट
दरअसल, साल 2008 में परिसीमन के बाद पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट अस्तित्व में आई है। इस लोकसभा क्षेत्र में 10 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसमें जनकपुरी, तिलक नगर, सुभाष नगर, राजौरी गार्डन, मादीपुर, हरिनगर, उत्तम नगर, द्वारका, नजफगढ़ और विकास पुरी शामिल हैं। साल 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुआ। कांग्रेस से महाबल मिश्रा यहां पर उम्मीदवार थे। लोगों ने उन्हें सांसद चुना था। उन्होंने प्रतिद्वंदी भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व विधायक प्रोफेसर जगदीश मुखी को हराया था।
जबकि वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से उम्मीदवार प्रवेश वर्मा को लोगों ने सांसद चुना था। 2014 में प्रवेश वर्मा ने 2,68,586 अधिक मत हासिल कर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जरनैल सिंह को हराया था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रवेश वर्मा ने 5,78,486 वोट अधिक हासिल कर अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उम्मीदवार महाबल मिश्रा को हराया था।


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