उत्तराखंड/नैनीताल/अनीशा चौहान/- उत्तराखंड के नैनीताल में 27 अगस्त की रात एक बड़ा हादसा हुआ। मल्लीताल क्षेत्र के मोहन के इलाके में स्थित ऐतिहासिक ओल्ड लंदन हाउस में देर रात करीब 10 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में हेरिटेज इमारत को भारी नुकसान पहुंचा, वहीं 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला शांता बिष्ट की झुलसकर मौत हो गई। शांता बिष्ट, प्रसिद्ध इतिहासकार और पर्यावरणविद डॉ. अजय रावत की बहन थीं।
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात करीब 10 बजे ओल्ड लंदन हाउस से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन आग की तीव्रता और शुरुआती प्रयासों में पानी की कमी के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आईं।
करीब 40 कर्मियों की टीम, जिसमें दमकल विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन शामिल थे, ने कड़ी मशक्कत की। लगभग ढाई घंटे की मेहनत के बाद रात करीब 2 बजे आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान इमारत में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दुर्भाग्य से शांता बिष्ट को नहीं बचाया जा सका।
ओल्ड लंदन हाउस – एक ऐतिहासिक धरोहर
ओल्ड लंदन हाउस केवल एक मकान नहीं, बल्कि ब्रिटिशकालीन विरासत का प्रतीक था। इसे वर्ष 1863 में बनाया गया था, जब नैनीताल को यूनाइटेड प्रोविंस की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा था। यह इमारत उसी दौर की शानदार स्थापत्य कला का नमूना थी। हाल के वर्षों में यह प्रोफेसर अजय रावत की बहनों, कमलता रावत और शांता बिष्ट का निवास स्थान थी।


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