नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दिया

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दिया

-हिंसक विरोध प्रदर्शन ने सरकार को घेरा

काठमांडू/उमा सक्सेना/-    नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने बढ़ते राजनीतिक दबाव और हिंसक प्रदर्शन के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। राजधानी काठमांडू और अन्य शहरों में युवाओं की अगुवाई में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें संसद भवन और मंत्रियों के आवासों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

सेना की मदद से सुरक्षित निकासी
 सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देने के बाद सेना की मदद से हेलीकॉप्टर द्वारा सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। विरोध प्रदर्शन तेज होने के कारण देश भर में कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को उनकी सुरक्षा के लिए सैन्य संरक्षण प्रदान किया गया। भैसपति स्थित कई मंत्रियों के आवासों से उन्हें निकालने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया।

कैबिनेट मंत्री पहले ही इस्तीफा दे चुके थे
रिपोर्टों के मुताबिक, ओली के इस्तीफा देने से पहले कई कैबिनेट मंत्रियों ने नैतिक जिम्मेदारी का पालन करते हुए अपने पद छोड़ दिए थे। इनमें गृहमंत्री रमेश लेखक और स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल शामिल हैं। सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल ने भी ओली को पद छोड़ने की सलाह दी थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि राजनीतिक दबाव चरम सीमा पर पहुँच चुका था।

ओली के दुबई जाने की संभावना
इस्तीफे के बाद यह भी बताया जा रहा है कि केपी शर्मा ओली दुबई जाने पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ओली मेडिकल ट्रीटमेंट का बहाना बनाकर विदेश जा सकते हैं। इस यात्रा के लिए हिमालय एयरलाइंस को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

देश में बढ़ते राजनीतिक असंतोष के संकेत
नेपाल में इस समय राजनीतिक अस्थिरता अपने चरम पर है। संसद भवन और मंत्रियों के आवासों में आगजनी ने देश की राजनीतिक संवेदनशीलता को उजागर किया है। उच्च पदस्थ अधिकारियों की सुरक्षा के लिए सैन्य बैरकों में उन्हें रखा गया है, जबकि सेना ने संसद भवन और अन्य संवेदनशील स्थलों पर कड़ी सुरक्षा तैनात की है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox