नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली देहात में आगे बढ़ती बेटियों से पूरा देहात गौरवांवित महसूस कर रहा है। बेटियों की यूपीएससी में सफलता के बाद अब लोग उन्हे सम्मानित करने के लिए दिल से आगे आ रहे है। इसी कड़ी में नजफगढ़ में सिनियर सिटिजन एसोसिएशन ने भी देहात की चार बेटियों का उनके यूपीएससी में चयनित होने पर सम्मान किया। एक सम्मान समारोह मे संस्था ने बेटियों को शाल व फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। इस समारोह का आयोजन नजफगढ़ के कई सामाजिक संगठनों ने मिलकर किया। समारोह की अध्यक्षता शिक्षा के क्षेत्र में जानी मानी शख्सियत रमेश सहरावत ने की जबकि इसके आयोजक एसोसिएशन के सचिव करतरा सिंह रहे।
इस सम्मान समारोह में यूपीएससी में चयनित दिव्यांग आयुषी डबास, पूजा कुमारी झा, ज्योति यादव व निशा यादव को सम्मानित किया गया। समारोह मे मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जनरल सतबीर सिंह उपस्थित हुए। इसके साथ ही पूर्व कमांडेंट इंश्वर सिंह पहलवान, आर पी सिंह, डॉ आर के मेस्सी, राजेश शर्मा, व राव सतबीर सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच सचालन पूर्व शिक्षाविद विनोद बंसल ने किया।
सम्मान समारोह की शुरूआत दीप प्रज्जवलन से हुई जिसमे सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किये। इसके बाद बेटियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से आगे निकल चुकी है। बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि वो उपेक्षा की नही बल्कि अपने हक की हकदार है। सम्मान से हम एक बच्चें में हौसला भरते है और समाज को व दूसरे बच्चों को इस तरह के सम्मान से प्रेरणा मिलती है ताकि वो भी आगे चलकर इसी तरह अपने परिवार व गांव का नाम रोशन कर सकें।

कड़ी मेहनत व माता-पिता के सहयोग से मिली कामयाबी- निशा यादव
इस मौके पर यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने वाली निशा यादव ने कहा कि वह शुरू से ही आईएएस बनना चाहती थी। और उसके इस सपने को पूरा करने के लिए उसके मम्मी-पापा ने उसका पूरा साथ दिया। हालांकि वह पहले चांस में रह गई थी लेकिन उसने फिर अपनी कतियों को ढूंढा और नये सिरे ये तैयारी की और सफल हो गई। निशा यादव ने कहा कि कड़ी मेहनत के बाद ही उसे यह सफलता मिली है।

दिव्यांग आयुषी डबास ने अपने परिवार व दोस्तो को दिया अपनी सफलता का श्रेय
दिव्यांग आयुषी डबास ने कहा कि यूपीएससी जैसी परीक्षा को पास करना कोई आसान काम नही है लेकिन इसके लिए उसके परिवार, भाईयो व दोस्तो ने उसका पूरा साथ दिया। उसके पापा उसे मोबाइल पर आवाज सुनाकर तैयारी कराते थे। उसने सपने तो देखे थे लेकिन ये नही सोचा था कि वह यूपीएससी की परीक्षा को क्लीयर कर देगी। लेकिन कड़ी मेहनत और अनुशासित तैयारी ने ये सफलता दिला ही दी।

द्वारका के सरकारी स्कूल में पढ़ी पूजा कुमारी झा ने कहा सपनों के आगे स्कूल छोटा बड़ा मायने नही रखता
यूपीएससी में चयनित द्वारका की रहने वाली पूजा कुमारी झा के जीवन में काफी कठिनाईयों का दौर रहा लेकिन फिर भी उसने अपने सपने को नही छोड़ा और उसके लिए दिन रात मेहनत करती रही। पूजा अपने छ भाई बहनों में सबसे छोटी है। और डाक्टरी की पढ़ाई के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी में भी लगी रही। आज उसके सपने साकार हुए जिनका श्रेय वह अपने बहनों व माता-पिता को देती है।


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