नजफगढ़ में जलभराव और प्रशासनिक अनदेखी: नागरिकों की परेशानियों के प्रति सरकार की लापरवाही

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May 4, 2026

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नजफगढ़ में जलभराव और प्रशासनिक अनदेखी: नागरिकों की परेशानियों के प्रति सरकार की लापरवाही

नजफगढ़/नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   नजफगढ़, एक ऐसा क्षेत्र जो दशकों से बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहा है, इस बार भारी बारिश के चलते पूरी तरह जलमग्न हो गया है। हाल की बारिश ने इलाके की सड़कों को इतनी गंभीर स्थिति में ला दिया है कि पानी घुटनों तक भर गया है। यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही और अधिकारियों की अक्षमता को उजागर करती है, जिन्होंने लंबे समय से इस समस्या का समाधान नहीं किया।

स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नजफगढ़ में जलभराव की समस्या का मुख्य कारण नालियों की सफाई का अभाव है। जबकि प्रशासन का दावा है कि सुपर सॉकर मशीनों का इस्तेमाल किया गया है, वास्तविकता इसके उलट है। क्षेत्र में न तो कोई सफाई नजर आती है और न ही समस्या का कोई स्थायी समाधान। यह शर्मनाक स्थिति यह दर्शाती है कि अधिकारियों ने जमीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया है, लेकिन परिणामस्वरूप कुछ भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जानकारी के अनुसार, विधायक कैलाश गहलोत, जो स्वयं इस क्षेत्र के निवासी हैं, भी इस स्थिति से जूझ रहे हैं, लेकिन उनके प्रयास भी पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। वहीं, निगम पार्षद अमित खड़कड़ी ने भी इस मुद्दे को लेकर आरटीआई दाखिल की है, जिसमें बताया गया है कि बिलों में सुपर सॉकर मशीनों के इस्तेमाल की बात कई बार दर्ज की गई है, परंतु यह केवल कागजों तक ही सीमित है। यदि इन मशीनों का वास्तविक उपयोग किया जाता, तो यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।

इससे भी बुरी स्थिति यह है कि जब नेता इस मुद्दे पर आवाज उठाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों को अक्सर केवल स्थानांतरण का सामना करना पड़ता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। पिछले दिनों, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन आशिष गुप्ता का तबादला कर दिया गया, लेकिन इसका असर समस्या पर नहीं पड़ा।

नागरिकों की चिंता बढ़ती जा रही है कि यह स्थिति कब तक जारी रहेगी। प्रशासन और नेताओं की इस लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि नजफगढ़ और इसके निवासियों को उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान मिल सके। यह समय की मांग है कि क्षेत्रीय अधिकारी और नेता वास्तविक जिम्मेदारी लें और नजफगढ़ की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं।

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