नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- साउथ-वेस्ट दिल्ली के अनधिकृत कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को जल्द ही बेहतर सड़क संपर्क की सौगात मिलने वाली है। इन इलाकों को अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) से जोड़ने के लिए नजफगढ़ ड्रेन के किनारे एक नया डबल लेन सड़क कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। करीब 17 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण ड्रेन के एक तरफ किया जाएगा, जिससे बाहरी दिल्ली के लोगों को शहर के प्रमुख हिस्सों तक आने-जाने में काफी राहत मिलेगी। साथ ही हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक वैकल्पिक और सुगम रास्ता साबित होगा।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह सड़क ड्रेन के बाईं ओर तैयार की जाएगी, जो डांसा रेगुलेटर से शुरू होकर दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास झटिकरा तक जाएगी। इस कॉरिडोर के बनने से आसपास की दर्जनों अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों को मुख्य शहरी मार्गों से सीधा संपर्क मिलेगा, जिससे यातायात दबाव कम होगा और यात्रा समय में भी कमी आएगी। लंबे समय से सड़क सुविधा की कमी से जूझ रहे स्थानीय लोगों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत लेकर आएगी।
योजना के तहत इस कॉरिडोर को UER-2 से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वाहन चालकों को निर्बाध आवाजाही मिल सके। ककरौला ब्रिज के पास, जहां UER-2 काफी नजदीक है, वहां विशेष रैंप बनाए जाएंगे, जिससे वाहन आसानी से मुख्य सड़क पर चढ़-उतर सकें। अधिकारियों का मानना है कि इस नई सड़क के चालू होने से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या घटेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी।
यह परियोजना राजधानी के बाहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।


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