नई दिल्ली/द्वारका/उमा सक्सेना/- दिल्ली के द्वारका सेक्टर-04 मार्केट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक 7–8 वर्षीय बच्चा, जो बोल नहीं सकता, अचानक भीड़ में अपनी माँ से बिछड़ गया। बच्चे की माँ ने घबराते हुए पास में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों से मदद मांगी और बताया कि उनका बच्चा पलभर में उनकी नज़र से ओझल हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस पोस्ट सेक्टर-03, थाना द्वारका नॉर्थ के हेड कॉन्स्टेबल विनोद कुमार (1114/DW) और हेड कॉन्स्टेबल मुकेश (1985/DW) ने तुरंत बच्चे की तलाश शुरू की। लगभग डेढ़ घंटे तक इलाके के हर कोने-गली में गहन तलाश की गई।
भीड़ में बैठा मिला मासूम
खोजबीन के दौरान पुलिसकर्मियों को एक दुकान के पास भीड़ दिखाई दी। जब वे पास पहुँचे तो देखा कि बीच में एक नन्हा बालक सहमा और चुपचाप बैठा है। पहचान के लिए माँ को मौके पर बुलाया गया और सत्यापन के बाद बच्चे को सुरक्षित उनकी गोद में सौंप दिया गया। बच्चे और माँ के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और दोनों भावुक होकर पुलिसकर्मियों का आभार जताने लगे।
“एंजल कॉप्स” बने पुलिसकर्मी
इस पूरे घटनाक्रम में HC विनोद और HC मुकेश की सतर्कता और संवेदनशीलता ने साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ज़रूरतमंदों के लिए सच्चे सहायक भी है। उनकी मेहनत और इंसानियत ने एक माँ और उसके बच्चे के बीच खोए रिश्ते को फिर से जोड़ दिया।
बच्चे का विवरण
गुमशुदा पाया गया बच्चा लगभग 7 वर्ष का है और तिलक नगर, दिल्ली का निवासी है।


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