देशभर में सबसे प्रदूषित ग्रेटर नोएडा, AQI पहुंचा 357 के पार, जहरीली हवा से सांसों पर संकट

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देशभर में सबसे प्रदूषित ग्रेटर नोएडा, AQI पहुंचा 357 के पार, जहरीली हवा से सांसों पर संकट

देश में केवल दो शहरों - ग्रेटर नोएडा और सिंगरौली में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है.
नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/राज्य ब्यूरो,: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है. शुक्रवार, 23 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा देश के 253 शहरों में सबसे अधिक प्रदूषित शहर दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से जारी सुबह 9 बजे के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 357 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. वहीं, मध्य प्रदेश का सिंगरौली 312 AQI के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के 253 शहरों में केवल ग्रेटर नोएडा और सिंगरौली की हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई. ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों में देश के 253 शहरों की वायु गुणवत्ता का आकलन किया जाता है. 253 शहरों के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इनमें केवल दो शहर रेड जोन में है. ग्रेटर नोएडा का AQI 357 होने के कारण यहां की हवा देश में सबसे अधिक प्रदूषित रही,
जबकि सिंगरौली में भी प्रदूषण का स्तर 312 तक पहुंच गया है. देश में केवल इन दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है.
एक दिन में 138 बढ़ा AQI
ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर एक दिन के भीतर तेजी से बढ़ा है. 22 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे ग्रेटर नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 219 दर्ज किया गया था. वहीं, 23 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, बढ़कर 357 पर पहुंच गया. इस तरह एक दिन में 138 अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. प्रदूषण के स्तर में अचानक आई स्थिति में शहर वासियों के बीच हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
गौरतलब है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 201 से 300 के बीच रहने पर हवा को “खराब” श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 301 से 400 के बीच एकयूआई “बेहद खराब” श्रेणी में आता है. ऐसे में ग्रेटर नोएडा का AQI लोगों की स्वास्थ्य के लिए हाथ से गंभीर चिंता का विषय है.
ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नॉलेज पार्क 3 में AQI 337 और नॉलेज पार्क 5 में AQI 376 दर्ज किया गया है. नॉलेज पार्क-5 का AQI शहर के AQI से भी अधिक रहा है. हवा की लगातार खराब होती गुणवत्ता के बीच लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहना जरूरी है.
दिल्ली एनसीआर की हवा
दिल्ली एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में भी वायु प्रदूषण का असर देखने को मिला है. जारी आंकड़ों के मुताबिक सुबह 9:00 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 224, गाजियाबाद का 225, नोएडा का 208 दर्ज किया गया है. तीनों शहरों में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़े स्पष्ट कर रहे हैं कि दिल्ली एनसीआर के कई शहरों में हवा सांस लेने के लिए साफ नहीं है. हालांकि, ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर अन्य शहरों की तुलना में काफी अधिक दर्ज किया गया है.
दिल्ली-NCR के शहरों का AQI
ग्रेटर नोएडा – 357 – बेहद खराब
गाजियाबाद – 225 – खराब
दिल्ली – 223 – खराब
नोएडा – 208 – खराब

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