दिव्यांग जनों के विकास के लिए समाज की नजर और नजरिया दोनों हों सकारात्मक – आरजेएस फैमिली

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दिव्यांग जनों के विकास के लिए समाज की नजर और नजरिया दोनों हों सकारात्मक – आरजेएस फैमिली

-दिव्यांगजनों को खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़ावा देकर सशक्त बनाया जा सकता है -आजादी की अमृत गाथा 31 में दर्जनभर सेनानियों महापुरुषों को आरजेएस ने दी श्रद्धांजलि.

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- रविवार को आजादी की अमृत गाथा के इकतीसवें अंक में दर्जन भर सेनानियों और महापुरुषों को श्रद्धांजलि देकर “बौद्धिक अक्षमता कारण और बचाव“ पर पॉजिटिव स्पीकर डा ओमप्रकाश झुनझुनवाला,प्रभारी,आरजेएस सकारात्मक सूचना केंद्र पटना के सहयोग से राष्ट्रीय वेबीनार आयोजित किया गया।
                    देशभर से जुड़े पॉजिटिव स्पीकर्स डा पुष्कर बाला, ममता रानी, अतुल प्रभाकर, प्रेम प्रभा झा, दीपा भूषण, इशहाक खान, रेणु श्रीवास्तव, कुसुम प्रसाद और उदय मन्ना द्वारा आरजेएस फैमिली की ओर से अतिथि वक्ताओं ,डा ए डी पासवान,प्रो बिजॉन मिश्रा, दीप माथुर ,भुवन कुमार , संगीता और सुमन कुमारी की उपस्थिति में राजेन्द्र प्रसाद, अरबिंदो घोष, शहीद लांस नायक अल्बर्ट एक्का ,काका कालेलकर, जतिंद्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतिन) नेल्सन मंडेला, विजयलक्ष्मी पंडित, सुचेता कृपलानी, ध्यान चंद,डॉ भीमराव बाबासाहेब अम्बेडकर, शहीद खुदीराम बोस और विनोद दुआ को श्रद्धांजलि दी गई। बेबीनार का संचालन डा नरेंद्र टटेसर ने किया जो स्वयं एक दिव्यांग हैं। वेबीनार को सानिध्य मिला प्रो बिजॉन मिश्रा और दीपचंद्र माथुर का जो आरजेएस के स्तंभ हैं।
               वेबीनार के आयोजक राम जानकी संस्थान (आरजेएस) के राष्ट्रीय संयोजक  उदय मन्ना और तपसिल जाति आदिबासी प्रक्कटन्न सैनिक कृषि बिकाश शिल्पा केंद्र गुंटेगेरी ,हुगली ,पश्चिम बंगाल के सचिव सोमेन कोले ने कहा कि हर रविवार आरजेएस वेबीनारः सकारात्मक पत्रकारिता का पर्याय बनता जा रहा है। वेबीनार के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के विभाग सिरटार,रोहतक के प्राचार्य डा ए डी पासवान ने कहा कि खेलो और सांस्कृतिक गतिविधियों में दिव्यांग जनों को बढ़ावा देकर देश का गौरव ही नहीं  समाज की नजर और नजरिया में भी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व दिव्यांगजन दिवस 2021 की थीम पूर्ण सहभागिता और समानता है। उन्होंने कहा कि समाज में दिव्यांगजनों के जीवन में हर कार्य में बराबर अवसर और  अधिकार के प्रति सामान्य नागरिकों को जागरूक करना,साथ ही  सामाजिक- आर्थिक स्थिति को सुधारने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
              बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के सामाजिक सुरक्षा सेल, बेगूसराय में सहायक निदेशक भुवन कुमार ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा की दिव्यांगजन के लिए काम में और व्यवहार में संवेदनशील होना पड़ेगा उन्होंने बिहार सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को लाभ दिया जा रहा है।
            वेबीनार की मुख्य वक्ता अभीप्सा विशेष विद्यालय पटना की सचिव सुमन कुमारी ने कहा कि बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों को 4 घंटे प्रशिक्षित करते हैं ।साथ ही उनके माता-पिता को बुलाकर भी जागरूक करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसव काल में खानपान व नियमित जांच को ध्यान रखने पर अक्षमता वाले बच्चों की संख्या में कमी आ सकती है।
               अतिथि वक्ता मनोविकास की प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि उनके संपर्क में आया अक्षमता वाला बच्चा किचन के काम में और इग्नू से पढ़ाई करके कंपनी में रोजगार पाने में सफल हो गया। दिव्यांगजन को अगर सही प्रशिक्षण दिया जाए तो सचिन वर्मा जैसे दिव्यांग राष्ट्रपति का पुरस्कार भी प्राप्त कर लेते हैं। वेबीनार  के प्रारंभ में राजस्थान के उदयवीर सिंह यादव ने अपनी सक्सेस स्टोरी सुनाई। उन्होंने कहा कि दोनों पैरों के कट जाने पर एक फौजी ने इग्नू से पढ़ाई कर क्लर्क से आज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मुख्य प्रबंधक तक का सफर कर सकता है ,तो मन के जीते जीत है का मेरी जिंदगी एक प्रत्यक्ष प्रमाण है ।
               वेबीनार के अंत में प्रश्नोत्तरी का आयोजन हुआ जिसमें प्रतिभागियों के सवालों का वक्ताओं ने समुचित जवाब दिया। राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने अगले रविवार 12 दिसंबर को डा. पुष्कर बाला , प्रभारी आरजेएस सकारात्मक सूचना केंद्र जमशेदपुर झारखंड के सहयोग से आयोजित करने की घोषणा की।

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