नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली पंचायत संघ ने ऐसे नेताओं को कठघरें में खड़ा करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने हथिनी बैराज से यमुना में छोड़े गये पानी को हरियाणा व उत्तर प्रदेश के कैनाल या नहर में क्यो नही छोड़े जाने की वकालत की थी उन नेताओं को किसानों से माफी मांगनी चाहिए। कुछ समय से यमुना व साहिबी नदी पर कई संगठन आवाज उठा रहे थे कि यमुना को अविरल बहने दें और यमुना के सभी अवरोधों को हटाया जाए। लेकिन इस पर शासन प्रशासन खामोश रहा। लेकिन अब यमुना ने स्वयं उनकी मांग का स्वागत करते हुए अपना अविरल प्रवाह का रूप दिखा दिया है तो अब सरकार को इससे सबक लेना चाहिए।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा है कि सबसे पहले गांवों व किसानों की खेती को ही बलिदान क्यो देना पडता है और गांवों के बे जुबान पशु धन को बलि क्यो देनी पडें। पंचायत संघ प्रमुख ने कहा कि शासन अपनी गलतियों से सबक लेकर कार्य क्यो नही करता। 360 सर्व खाप के सुरेश शौकीन ने कहा है कि अगर राजस्थान से साहिबी नदी में बाढ़ आ जाती तब पानी कहाँ छोड़ा जाता। पंचायत संघ दिल्ली शासन प्रशासन से बार बार मांग करता आ रहा है कि साहिबी नदी व यमुना को अवैध कब्जो से मुक्त कराएं। पंचायत संघ सह प्रमुख सुनील शर्मा व शिव कुमार यादव ने कहा कि यमुना जी, साहिबी नदी व दिल्ली देहात की 18 सूत्री मांगो को लेकर जल्द ही दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री चौधरी ब्रहम प्रकाश जी के पैतृक गांव शकूर पुर में पंचायत बुलाई जाएगी इसमें इन विषयों पर शासन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की तैयारी पर बात होगी ।


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