दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हत्या के मामले में वांछित एक शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार

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October 24, 2026

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हत्या के मामले में वांछित एक शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार

-इंद्रपुरी में हत्या का आरोपी विक्रम 2022 से चल रहा था फरार, कोर्ट ने 2022 में कर दिया था भगोड़ा घोषित

दिल्ली/ शिवकुमार यादव/- इंद्रपुरी इलाके में 2022 में एक युवक की हत्या करने का वांछित अपराधी एजीएस क्राइम ब्रांच दिल्ली की टीम ने सधी हुई जांच के तहत कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी विक्रम ने अपने साथियों के साथ 2022 में प्रवेश नामक युवक हत्या कर फरार हो गया था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों में अजय, सूरज और तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और कोर्ट ने विक्रम को फरार अपराधी घोषित कर दिया था जिसके चलते पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

इस संबंध में डीसीपी क्राइम सतीश कुमार ने बताया कि पिछले कुछ महीनो से एजीएस क्राइम ब्रांच की एक समर्पित टीम जिसमें एसीपी नरेश कुमार की निगरानी में तथा इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में एसएलएस सचिन, मुकेश, बृजलाल, एएसआई नरेंद्र, सुरेंद्र, गोविंद, एचसी विनोद, दीपक, श्याम सुंदर, मिंटू और अनूप की टीम गंभीर अपराधों में शामिल कुख्यात अपराधियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए अथक प्रयास कर रही है। टीम को उसे समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब इंद्रपुरी मामले का एक कुख्यात वांछित अपराधी पुलिस के ट्रैक पर आया।

टीम ने अपराधी की जानकारी साझा करते हुए मुखबिरों और पुलिस कर्मियों को और जानकारी जुटाने के लिए उसके रिश्तेदारों दोस्तों के काम से कम 100 नंबरों को ट्रैक पर लिया और जल्द ही इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को इस मामले में पुख्ता जानकारी हाथ लगी कि अपराधी विक्रम उत्तराखंड के हल्द्वानी में परिवार समेत छिपा हुआ है। एजीएस क्राइम ब्रांच की टीम ने हल्द्वानी में एक आभूषण की दुकान पर छापा मार कर अपराधी विक्रम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अपराधी विक्रम ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह दिल्ली छोड़कर विभिन्न राज्यों में घूमता रहा 6 महीने बाद वह हल्द्वानी में बस गया। अपना नाम बदलकर विक्की के रूप में उसने पहले आर्मी कैंप में काम किया। फिर उसे हल्द्वानी में एक ज्वेलरी शॉप पर अच्छी नौकरी मिल गई जिसके बाद वह अपने परिवार को वहां ले आया और अपना नाम बदलकर आभूषण की दुकान पर नौकरी करने लगा।

पुलिस ने बताया कि विक्रम के साथियों और उसके भाई को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह 2022 से फरार चल रहा था। इसमें खास बात यह है कि वह इस मामले के एक अन्य आरोपी सूरज का सगा भाई है। घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज में विक्रम को मृतक प्रवेश पर हिंसाक हमला करते हुए दिखाया गया है। टीम की इस कामयाबी पर डीसीपी सतीश कुमार ने पूरी टीम को बधाई दी है और आगे भी इसी तरह से अपराधियों को पकड़ने मैं लगे रहने का संदेश भी दिया है।

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