ड्रैगन की चालबाज़ी बेनकाब? राफेल से जुड़ी जासूसी में चार चीनी गिरफ्तार

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March 3, 2026

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ड्रैगन की चालबाज़ी बेनकाब? राफेल से जुड़ी जासूसी में चार चीनी गिरफ्तार

दिल्ली/सिमरन मोरया/- पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना ने राफेल फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया था। राफेल के मदद से भारत ने पाकिस्तान के कई अहम आतंकी और सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद दुनियाभर में राफेल की खूब चर्चा हुई थी। वहीं, चीन ने राफेल की बदनामी के लिए विश्व भर में प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की थी। फ्रांस के द्वारा यह दावा किया गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने राफेल की साख को कम करने की कोशिश की थी। इस बीच ग्रीस से चीन की एक और चालबाजी सामने आई है, जो भारत के लिए भी चिंता का विषय है। दरअसल, ग्रीस के तंगरा शहर मे स्थित एयरबेस से चार चीनी नागरिकों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ये चारों राफेल की तस्वीर खींचते पकड़े गए हैं। हालांकि, अभी इनसे पूछताछ हो रही है।

चार चीनी नागरिक गिरफ्तार
ग्रीस वायु सेना के सबसे अहम एयरबेस तंगरा से चार चीनी नागरिक को पकड़ा है। हेलेन एयर फोर्स पुलिस ने दो पुरुष, एक महिला और एक युवक, जो की चीनी मूल के हैं, उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, ये सभी एयरबेस और राफेल सहित अन्य सैन्य सुविधाओं की तस्वीरें खींच रहे थे। पहले तो वहां तैनात सैन्यकर्मियों ने उन्हें मना किया और चले जाने को कहा लेकिन फिर वो थोड़ी देर दूर स्थित पुलिया पर खड़े होकर फोटो खिंचने लगे। इसके बाद सैन्य कर्मियों ने इन चारों को गिरफ्तार कर लिया। जब उनके कैमरे की तलाशी ली गई तो उसमें से राफेल सहित कई सेंसेटिव सैन्य सुविधाओं की फोटो मिली। इस वक्त चारों चीनी जासूसों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके अलावा ग्रीस की खुफिया एजेंसी भी जांच में जुट गई है।

फ्रांस ने भी लगाया आरोप
इससे पहले फ्रांस ने चीन पर गंभीर आरोप लगाए थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल की सफलता को पूरी दुनिया ने देखी थी। वहीं, चीनी हथियारों का हश्र भी सबने देखा था। इसके बाद चीन अपने दूतावासों के जरिए राफेल के खिलाफ पूरी दुनिया में माहौल बनाने में लग गया था। चीन ने राफेल की खरीदारी प्रभावित और चीनी जेट्स खरीदने की कोशिश शुरू की थी। इसी दौरान चीन और पाकिस्तान समर्थित लोगों और न्यूज़ चैनलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल के क्रैश होने का भी भ्रम फैलाया था। हालांकि, चीन जिस तरह से राफेल की जासूसी करवा रहा है, उससे भारत को सतर्क रहने की जरूरत होगी। क्योंकि, भारतीय वायु सेना के बेड़े में 26 राफेल फाइटर जेट्स शामिल हैं।

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