टैरिफ और डिपोर्टेशन के मुद्दे पर ट्रंप को कैसे मनाएंगे PM मोदी? जानें क्या कहता है इतिहास

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August 17, 2026

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 टैरिफ और डिपोर्टेशन के मुद्दे पर ट्रंप को कैसे मनाएंगे PM मोदी? जानें क्या कहता है इतिहास

मानसी शर्मा/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार शाम (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह) अमेरिका पहुंचे। वाशिंगटन डीसी के एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद, उन्होंने ब्लेअर हाउस में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका की इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड से भी बातचीत की। यह दो दिवसीय यात्रा का पहला दिन था, और अब असली चुनौती अगले दिन राष्ट्रपति ट्रंप से होने वाली मुलाकात में सामने आएगी। यह मुलाकात व्यापार और रक्षा सहयोग बढ़ाने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर हो सकती है। बता दें कि,प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यापार और रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है। लेकिन भारत के लिए सबसे अहम मुद्दे डिपोर्टेशन और टैरिफ हैं।

डिपोर्टेशन का मुद्दा भारत पहले से ही झेल रहा है, जबकि टैरिफ का संकट भविष्य में भारत के लिए चिंता का कारण बन सकता है। इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी की कोशिश होगी कि वे ट्रंप से पहले ही बातचीत करें और कोई बड़ा कदम उठाने से पहले इन पर सहमति बना लें। डिपोर्टेशन का तरीका विवादास्पद 5फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से 104अवैध भारतीय प्रवासियों को अमृतसर भेजा गया। इस डिपोर्टेशन की प्रक्रिया में भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में बांधकर भेजने का तरीका विवादास्पद रहा। भारतीय संसद में विपक्षी दलों ने इस पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि डिपोर्टेशन सही है, लेकिन इस तरह से अमानवीय तरीके से भेजा जाना गलत है।

विपक्षी नेता चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को उठाएं। टैरिफ वॉर की आशंका पिछले कार्यकाल में ट्रंप ने भारत को “टैरिफ किंग” कहा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत में अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा टैरिफ लगाया जाता है, जबकि भारत में अमेरिकी उत्पादों पर कोई टैरिफ नहीं होता। ट्रंप पहले ही मैक्सिको, कनाडा और चीन के खिलाफ टैरिफ लगा चुके हैं। अब यह संभावना जताई जा रही है कि वह भारत के खिलाफ भी टैरिफ वॉर शुरू कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर ट्रंप से समझौता करने की कोशिश करेंगे ताकि व्यापारिक संबंधों में कोई बाधा न आए। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के साथ व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करना है। साथ ही, डिपोर्टेशन और टैरिफ जैसे मुद्दों पर भी सफल बातचीत की उम्मीद की जा रही है।

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