रांची/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- लोकसभा चुनाव के बीच झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी कर भारी नकदी जब्त की है बताया जा रहा है कि ईडी ने यह बरामदगी झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के नौकर के घर से की है। नोट गिनने वाली मशीनें से गिनती जारी हैं। अनुमान है कि बरामद की गई नकदी 20 से 30 करोड़ रुपये है।
पिछले साल एक गिरफ्तारी भी हुई थी
इससे पहले फरवरी 2023 में प्रवर्तन निदेशालय ने कुछ योजनाओं को लागू करने में हुईं कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र के. राम को अरेस्ट किया था।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय को जानकारी मिली थी कि ग्रामीण विकास विभाग में भ्रष्टाचार चल रहा है। इसके बाद ईडी ने आलमगीर आलम के निजी सचिव के घर पर रेड की। रेड के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है।
झारखंड से बरामद हो चुकी है करोड़ों की नकदी
बता दें कि दिसंबर 2023 में भी झारखंड में बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया गया था। तब कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और कारोबारी धीरज साहू के ठिकानों पर आईटी की रेड में 350 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई थी हालांकि धीरज साहू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि छापेमारी में बरामद किया गया कैश उनकी शराब कंपनियों का है। शराब का कारोबार कैश में ही होता है। इसका कांग्रेस पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

कौन हैं आलमगीर आलम?
वहीं आलमगीर आलम की बात करें तो वह कांग्रेस नेता हैं और पाकुड़ विधानसभा से चार बार विधायक चुने जा चुके है। अभी वह राज्य सरकार में संसदीय कार्य और ग्रामीण विकास मंत्री हैं। वह अक्टूबर 2006 से दिसंबर 2009 तक झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह साल 2000 में पहली बार विधायक बने थे।


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