नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- सीबीआई ने 22 फरवरी को जम्मू एंड कश्मीर के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक के ठिकाने पर छापा मारा है। साथ ही दिल्ली में 29 अन्य ठिकानों पर भी रेड की है। ये कार्रवाई कीरू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में करप्शन को लेकर की गई। सत्यपाल मलिक ने गवर्नर रहने के दौरान दावा किया था कि हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की 2 फाइलें क्लियर करने के लिए उन्हें 300 करोड़ की रिश्वत की पेशकश की गई थी।

इससे पहले कीरू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर 6 जुलाई 2022 में भी देशभर में 16 जगहों पर छापेमारी की गई थी। गुरुवार को रेड के बाद मलिक ने एक्स पर पोस्ट किया और कहा कि किसान का बेटा हूं, छापों से नहीं घबराऊंगा।
मलिक ने 2021 में लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप
सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के झुंझुनू में एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहते करोड़ों की रिश्वत ऑफर हुई थी। उस दौरान उनके पास दो फाइलें आई थीं। इनमें एक बड़े उद्योगपति और दूसरी महबूबा मुफ्ती और भाजपा की गठबंधन सरकार में मंत्री रहे एक व्यक्ति की थी। मलिक ने कहा था कि उनके सचिवों ने बताया कि इसमें घोटाला है, इसके बाद उन्होंने दोनों डील रद्द कर दी थीं।

मलिक ने ये भी कहा था कि उन्हें दोनों फाइलों के लिए 150-150 करोड़ रुपए देने का ऑफर दिया गया था। मलिक ने कहा, ’मैंने कहा था कि मैं पांच कुर्ता-पायजामे के साथ आया हूं और सिर्फ उसी के साथ यहां से चला जाऊंगा। जब सीबीआई पूछेगी तो मैं ऑफर देने वालों के नाम भी बता दूंगा।’
सीबीआई ने दो अलग-अलग मामलों में दर्ज की एफआईआर
सीबीआई ने इस मामले में 2 एफआईआर दर्ज की थीं। पहली एफआईआर लगभग 60 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट को जारी करने में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। यह रकम 2017-18 में जम्मू-कश्मीर कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल बीमा योजना का ठेका देने के लिए एक इंश्योरेंस कंपनी से रिश्वत के तौर पर ली गई थी।

दूसरी एफआईआर 2019 में एक निजी फर्म को कीरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (एचईपी) के सिविल वर्क के लिए 2,200 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देने में भ्रष्टाचार से जुड़ी है। सीबीआई इन दोनों मामलों की जांच कर रही है।
बयानों के चलते सुर्खियों में रहे मलिक
सत्यपाल मलिक कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। 2021 में किसान आंदोलन खत्म होने पर उन्होंने कहा था कि किसानों का धरना खत्म हुआ है, आंदोलन नहीं। उन्होंने 400 किसानों की मौत पर प्रधानमंत्री की तरफ से शोक सन्देश नहीं जाने पर भी तल्ख टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए। मलिक ने अपने रिटायरमेंट के बाद किसानों के लिए संघर्ष करने की बात कही थी। वहीं, रिश्वत का ऑफर, राष्ट्रपति चुनाव और उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत से जुड़े अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि पुलवामा अटैक के वक्त पीएम नरेंद्र मोदी कॉर्बेट नेशनल पार्क में अपनी शूटिंग करवा रहे थे। बाहर आकर पीएम ने एक ढाबे से फोन कर मुझे पूछा- क्या हुआ? मैंने कहा था- ये हमारी गलती से हुआ। मलिक ने यह भी कहा था, देश बहुत गलत आदमी के हाथ में है। यदि किसान एक नहीं हुआ और केंद्र में बैठी सरकार दोबारा सत्ता में आ गई तो किसान नहीं बचेंगे। उनका बस चला तो सबसे पहले खेती को खत्म कर देंगे।


More Stories
प्रयागराज में नाबालिग लड़कियों के अंडाणु बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश
T20 World Cup 2026: डबल सुपर ओवर में रोमांच, दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी पल में अफगानिस्तान को हराया
भारत बंद 2026: नए कानूनों और व्यापार समझौतों के विरोध में देशभर में ताले बंद
महाशिवरात्रि 2026: जानिए शिवजी के गले में विराजमान नाग का रहस्य
“ऑपरेशन मिलाप” की सफलता: सराय रोहिल्ला पुलिस ने 24 घंटे में लापता भाई-बहन को परिवार से मिलाया
रूप नगर पुलिस का बड़ा खुलासा: झपटमार गिरोह का भंडाफोड़, एक पुलिस कांस्टेबल समेत तीन आरोपी गिरफ्तार